Class 9 · HindiNCERT 2026 Revised Syllabus
Chapter 1: मेरी भी आभा है इसमें
R3 book- Reva
Find complete NCERT solutions for Class 9 Hindi, R3 book- Reva Chapter 1. Every question has a clear, step-by-step answer.
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बातचीत के लिए(3 questions)
1
इस कविता को सुनकर या पढ़कर आपके मन में सबसे पहले क्या विचार आया?
उत्तर:
इस कविता को पढ़कर मन में यह विचार आया कि दुनिया में दिखने वाली हर सफलता और सुंदरता के पीछे किसी न किसी का कठिन परिश्रम और अनदेखा योगदान छिपा होता है। हमें उनके प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए।
2
क्या आपका भी कोई ऐसा सपना है जिसे आप पूरा करना चाहते हैं?
उत्तर:
हाँ, मेरा सपना है कि मैं अपनी लगन, कड़ी मेहनत और नवाचार के माध्यम से रोबोटिक्स व आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में नए आविष्कार कर सकूँ, जिससे समाज और देश की प्रगति में उपयोगी योगदान दे सकूँ।
3
आपको आकाश किस मौसम में सबसे अच्छा लगता है? आप उसमें क्या-क्या देखते हैं?
उत्तर:
मुझे शरद ऋतु का आकाश सबसे अच्छा लगता है क्योंकि यह एकदम साफ़, निर्मल और नीला दिखता है। इसमें दिन में चमकता सूर्य व उड़ते पक्षी और रात में जगमगाते तारे तथा चंद्रमा दिखाई देते हैं।
मेरी समझ से(4 questions)
1
“मेरी भी आभा है इसमें” पंक्ति में ‘आभा’ शब्द का भाव है— (क) तेज (ख) चमक (ग) योगदान (घ) श्रम
उत्तर:
(ग) योगदान ★
2
फूलों के सौंदर्य के पीछे किसका प्रमुख योगदान है? (क) प्रकृति का (ख) माली का (ग) पानी का (घ) किसान का
उत्तर:
(ख) माली का ★
3
कविता का मुख्य संदेश क्या है? (क) प्रकृति का सौंदर्य सबसे महत्वपूर्ण है। (ख) सफलता केवल भाग्य से मिलती है। (ग) राष्ट्र की प्रगति में प्रत्येक व्यक्ति का योगदान होता है। (घ) फूल और फसलें जीवन का आधार हैं।
उत्तर:
(ग) राष्ट्र की प्रगति में प्रत्येक व्यक्ति का योगदान होता है। ★
4
कथन– खलिहान पकी सुनहली फसलों से भर गया है। कारण– इसके लिए किसान ने अथक परिश्रम किया है। (क) कथन सही है, किंतु कारण गलत है। (ख) कथन गलत है, किंतु कारण सही है। (ग) कथन और कारण, दोनों गलत हैं। (घ) कथन और कारण, दोनों सही हैं।
उत्तर:
(घ) कथन और कारण, दोनों सही हैं। ★
सोचिए और लिखिए(4 questions)
1
कवि “मेरी भी आभा है इसमें” कहकर किस भावना को व्यक्त करना चाहता है? अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
कवि इस पंक्ति के माध्यम से आत्म-गौरव और योगदान की भावना को व्यक्त करता है। वह यह स्पष्ट करना चाहता है कि संसार में दिखने वाली किसी भी सुंदरता, समृद्धि या सफलता में उसके अपने कठिन परिश्रम और निष्ठा का भी अहम योगदान है।
2
कवि ने फसलों में अपने 'शोणित की बूँदें' मुसकाने की बात क्यों कही है?
उत्तर:
कवि ने 'शोणित की बूँदें' (खून की बूँदें/पसीना) मुसकाने की बात इसलिए कही है क्योंकि खेत में लहलहाती फसलें किसान की अनथक मेहनत, त्याग और खून-पसीने की ही देन हैं। जब फसलें पकती हैं, तो उसमें किसान का परिश्रम ही मुसकाता हुआ प्रतीत होता है।
3
कवि ने फसलों को सुनहली क्यों कहा है?
उत्तर:
जब फसलें पूरी तरह पककर तैयार हो जाती हैं, तो वे सोने जैसी पीली और चमकदार दिखाई देती हैं। सूर्य की धूप पड़ने पर वे बेहद आकर्षक लगती हैं। इसलिए कवि ने उनके पके हुए रूप और समृद्धि को दर्शाने के लिए उन्हें 'सुनहली' कहा है।
4
गगन और सूर्य को कवि ने नया क्यों कहा है?
उत्तर:
कवि ने गगन और सूर्य को 'नया' इसलिए कहा है क्योंकि जब व्यक्ति की मेहनत से जीवन में समृद्धि और नया उजाला आता है, तो उसे पूरी सृष्टि नई और आशावान प्रतीत होती है। यह नयापन एक नव-निर्माण, उत्साह और नए युग के आगमन का प्रतीक है।
भाषा की ओर(4 questions)
1
कविता के शब्दों के अक्षर उलझ गए हैं, आइए मिलकर सुलझाते हैं—उलझे अक्षर – सही शब्द – संकेत न ग ग – ......... – आसमान लि हा ख न – ......... – फसल रखने की जगह भा आ – ......... – चमक/रोशनी णि शो त – ......... – रक्त ल वि शा – ......... – बहुत बड़ा
उत्तर:
न ग ग – गगन (आसमान)
लि हा ख न – खलिहान (फसल रखने की जगह)
भा आ – आभा (चमक/रोशनी)
णि शो त – शोणित (रक्त)
ल वि शा – विशाल (बहुत बड़ा)
2
आपकी मातृभाषा में पानी को क्या कहते हैं? लिखिए।
उत्तर:
जल / पानी (अथवा अपनी मातृभाषा के अनुसार — जैसे बांग्ला में 'जल', भोजपुरी/मैथिली में 'पानी')
3
निम्नलिखित रिक्त स्थानों को दिए गए शब्दों के समानार्थी शब्दों से भरिए—आसमान – गगन – ......... – ......... – ......... फूल – ......... – ......... – सुमन सूर्य – ......... – ......... – रवि – ......... – ......... शोणित – लहू – ......... – .........
उत्तर:
आसमान – गगन – आकाश – नभ – व्योम
फूल – पुष्प – कुसुम – सुमन
सूर्य – दिनकर – भास्कर – रवि – सूरज
शोणित – लहू – रक्त – रुधिर
4
कविता में प्रयुक्त पंक्तियों में कुछ गहरे भाव छुपे हुए हैं। आप कविता की पंक्तियों को उनके सही भाव से मिलाइए और बताइए कि कवि क्या कहना चाहता है—कविता की पंक्ति – भाव (i) मेरी रग-रग के शोणित की बूँदें – नई आशा और नया आरंभ (ii) मेरी भी आभा है इसमें – प्यार और उम्मीद से पाला (iii) सपनों ने सहलाया था – मैंने भी योगदान दिया है (iv) नया सूर्य जो चमक रहा है – मेरी कड़ी मेहनत का फल (v) खलिहान भर गया – मेरे परिश्रम और बलिदान का अंश
उत्तर:
(i) मेरी रग-रग के शोणित की बूँदें – मेरे परिश्रम और बलिदान का अंश
(ii) मेरी भी आभा है इसमें – मैंने भी योगदान दिया है
(iii) सपनों ने सहलाया था – प्यार और उम्मीद से पाला
(iv) नया सूर्य जो चमक रहा है – नई आशा और नया आरंभ
(v) खलिहान भर गया – मेरी कड़ी मेहनत का फल
पाठ से आगे(3 questions)
1
क्या सच में फूलों को सपनों से सहलाया जा सकता है? कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर:
वास्तविक रूप में फूलों को भौतिक रूप से सपनों से नहीं सहलाया जा सकता। परंतु कवियों की कल्पना में सपनों से सहलाने का अर्थ है—फूलों की देखभाल करते समय उनके खिलने और सुंदर बनने की आशा व उम्मीद संजोना।
2
यदि आप एक किसान होते और आपका खलिहान सुनहली फसलों से भर जाता, तो उस समय आपके मन में क्या भावनाएँ होतीं? कल्पना करके बताइए।
उत्तर:
यदि मैं किसान होता और मेरा खलिहान फसलों से भर जाता, तो मेरा मन अत्यधिक आनंद, संतोष और गर्व से भर जाता। महीनों के अथक परिश्रम और पसीने की सफलता देखकर ईश्वर के प्रति कृतज्ञता की भावना आती।
3
यदि इस कविता में सूर्य और फूल बोल सकते, तो वे कवि से क्या संवाद करते? अपनी कल्पना से निम्नलिखित संवाद को पूरा कीजिए—(सुबह का समय है। आकाश में सूर्य चमक रहा है। बगीचे में रंग-बिरंगे फूल खिले हैं। कवि खेत की मेड़ पर बैठा है।)सूर्य – मैं हर रोज उगता हूँ, पर आज कुछ अलग लग रहा है। फूल – हाँ, कुछ ऐसा ही मैं भी महसूस कर रहा हूँ। कवि – ............... सूर्य – ............... फूल – ............... कवि – ............... फूल – ...............
उत्तर:
कवि – तुम दोनों सही समझ रहे हो, आज तुम्हारी आभा में मेरी मेहनत और लगन का रंग भी जुड़ा है।
सूर्य – अच्छा! तो क्या तुम्हारी इस मेहनत ने ही आज की सुबह को इतना खास बनाया है?
फूल – बिल्कुल सूर्यदेव, कवि के प्रेम और देखभाल के कारण ही मैं आज इतना सुंदर खिल पाया हूँ।
कवि – यह तो आप दोनों का ही आशीर्वाद है, जिससे मेरी मेहनत सफल हुई।
फूल – हम सब एक-दूसरे से जुड़े हैं, हमारा यह सुंदर संगम ही इस सृष्टि की असली शोभा है।
परियोजना(2 questions)
1
एक सप्ताह तक प्रकृति से जुड़ी चीजों को ध्यान से देखिए। प्रतिदिन अपने अवलोकनों को लिखिए। अब इन्हें चित्र सहित कक्षा में प्रस्तुत कीजिए—जैसे– • आज आकाश कैसा था? • कौन-सा फूल देखा? उसका रंग, उसकी बनावट और सुगंध कैसी थी? • कहीं कोई पेड़, बगीचा या खेत दिखा? उसमें आपने क्या देखा? कोई चिड़िया, कोई जीव-जंतु या कुछ अन्य?
उत्तर:
प्रकृति अवलोकन (उदाहरण तालिका):
• आज आकाश कैसा था? – आज आकाश एकदम साफ़, नीला और निर्मल था।
• कौन-सा फूल देखा? – मैंने लाल गुलाब देखा, जो बहुत ही कोमल था और उसकी भीनी-भीनी सुगंध आ रही थी।
• पेड़, बगीचा या खेत में क्या देखा? – बगीचे में हरे-भरे पेड़ थे, जिन पर रंग-बिरंगी तितलियाँ और चिड़ियाँ चहचहा रही थीं।
2
आप अपने परिवार के जिन कार्यों में सहयोग करते हैं, उनकी सूची बनाइए।
उत्तर:
• घर के छोटे-मोटे सामान बाज़ार से लाना।
• पेड़-पौधों में नियमित रूप से पानी डालना।
• अपनी अध्ययन मेज़ और किताबों को व्यवस्थित रखना।
• भोजन के समय बर्तन और मेज़ साफ़ करने में मदद करना।
आज की पहेली(3 questions)
1
नीचे दिए अक्षर-जाल में कविता के छुपे हुए पाँच शब्दों को ढूँढ़कर उन पर गोला लगाइए—(अक्षर-जाल – स, क, शो, खु, फ, चा, जा, प, ब, स, णि, श, छ, सू, भा, ख, र्य, प, य, बू, र्य, ड, काँ, नी, हा, नों, आ, बा, शि, ख, च, शो, न, फू, ग, व, ज, लि, ढाँ, णि, प, य, तू, ग, लि, हा, ट, त, र, आ, फू, ग, न, न, दू, ब, ख, भा, च, नों, णि, त, आ, प)
उत्तर:
अक्षर-जाल में छिपे पाँच मुख्य शब्द:
• खलिहान (ख – लि – हा – न)
• शोणित (शो – णि – त)
• सूर्य (सू – र्य)
• खुशबू (खुश – बू)
• आभा (आ – भा)
2
पुस्तकालय अथवा अन्य स्रोतों से इस कविता के कवि नागार्जुन तथा उनकी रचनाओं के बारे में और अधिक जानकारी एकत्र कीजिए तथा कक्षा में साझा कीजिए।
उत्तर:
कवि नागार्जुन के बारे में जानकारी:
• जीवन परिचय – नागार्जुन जी का वास्तविक नाम 'वैद्यनाथ मिश्र' था। वे हिंदी और मैथिली भाषा के महान कवि और लेखक थे। मैथिली में वे 'यात्री' नाम से लिखते थे।
• प्रमुख रचनाएँ – 'युगधारा', 'सतरंगे पंखों वाली', 'प्यासी पथराई आँखें', 'तालाब की मछलियाँ', 'बलचनमा' (उपन्यास)।
• विशेषता – इन्हें 'जनकवि' भी कहा जाता है, क्योंकि इनकी कविताओं में आम जनता, किसान, मजदूर और प्रकृति के प्रति गहरा सरोकार झलकता है।
3
नीचे दी गई एनसीईआरटी की आधिकारिक यू-ट्यूब इंटरनेट कड़ी (लिंक) का प्रयोग करके आप इस पाठ के बारे में और अधिक जान-समझ सकते हैं। https://youtu.be/ydeDMPnnzec?si=TUuHV0RBIqgnT4mR
उत्तर:
वीडियो ध्यान से देखें-सुनें — कवि (नागार्जुन, रचनाकाल 1961) कहता है कि नए गगन के नए सूर्य, रंग-बिरंगे फूलों और पकी सुनहरी फसलों की चमक में उसकी भी आभा है, क्योंकि इनमें उसके प्राणों-सपनों का सींचन और रग-रग के श्रम की बूंदें हैं। देखते समय नोट करें — (1) ‘आभा’ से कवि का क्या आशय है, (2) फूल और फसल के उदाहरणों से श्रम का महत्त्व, (3) देश की प्रगति में व्यक्ति के योगदान का संदेश।
खोजबीन(2 questions)
1
पुस्तकालय अथवा अन्य स्रोतों से इस कविता के कवि नागार्जुन तथा उनकी रचनाओं के बारे में और अधिक जानकारी एकत्र कीजिए तथा कक्षा में साझा कीजिए।
उत्तर:
नागार्जुन का वास्तविक नाम वैद्यनाथ मिश्र था। वे हिंदी और मैथिली के प्रसिद्ध कवि थे और उनकी रचनाओं में किसान, मजदूर तथा आम आदमी के जीवन का चित्रण मिलता है।
2
नीचे दी गई एनसीईआरटी की आधिकारिक इंटरनेट कड़ी का प्रयोग करके इस पाठ के बारे में और अधिक जान-समझ सकते हैं।
उत्तर:
यह गतिविधि पाठ के कवि और कविता को सुनने/समझने के लिए आधिकारिक सामग्री देखने पर आधारित है।
शब्द-संपदा(6 questions)
1
गगन — अर्थ बताइए।
उत्तर:
आसमान।
2
दमक — अर्थ बताइए।
उत्तर:
आकर्षणयुक्त चमक।
3
आभा — अर्थ बताइए।
उत्तर:
चमक, योगदान या भागीदारी।
4
खलिहान — अर्थ बताइए।
उत्तर:
कटी फसल को इकट्ठा रखने का स्थान।
5
शोणित — अर्थ बताइए।
उत्तर:
रक्त।
6
भूखंड — अर्थ बताइए।
उत्तर:
धरती का कोई भाग।