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Class 9 · HindiNCERT 2026 Revised Syllabus

Chapter 5: न्याय की कुर्सी

R3 book- Reva

Find complete NCERT solutions for Class 9 Hindi, R3 book- Reva Chapter 5. Every question has a clear, step-by-step answer.

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मेरी समझ से(5 questions)

1

राजा सिंहासन पर क्यों नहीं बैठ पाया? (क) सिंहासन की मूर्तियाँ आसमान में उड़ गई थीं। (ख) सिंहासन की मूर्तियों ने उसे योग्य नहीं माना था। (ग) राजा स्वयं को उस पर बैठने योग्य नहीं मानता था। (घ) राजा ने मूर्तियों की शर्तें पूरी करने से मना कर दिया।

उत्तर:
(ख) सिंहासन की मूर्तियों ने उसे योग्य नहीं माना था। ★
2

लड़के के न्याय करने के तरीके से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है? (क) वह अपराधी को कठोर दंड देता था। (ख) वह किसी का पक्ष नहीं लेता था। (ग) वह न्याय करने को खेल समझता था। (घ) वह राजा के आदेशों का पालन करता था।

उत्तर:
(ख) वह किसी का पक्ष नहीं लेता था। ★
3

"बात इधर-उधर फैलने लगी"— यहाँ 'बात' का क्या अर्थ है? (क) लड़कों के अनोखे खेल की चर्चा (ख) लड़के के बीमार पड़ने की चर्चा (ग) लड़के की न्याय-बुद्धि की चर्चा (घ) टीले पर मिले पत्थर की चर्चा

उत्तर:
(ग) लड़के की न्याय-बुद्धि की चर्चा ★
4

"राजा सिंहासन की ओर दृढ़ कदमों से बढ़ा।" कहानी के अंत में राजा चौथी मूर्ति की बात अनसुनी करके सिंहासन पर बैठने के लिए आगे क्यों बढ़ा? (क) वह स्वयं को सिंहासन पर बैठने योग्य मानता था। (ख) वह सिंहासन के जादू को परखना चाहता था। (ग) वह मूर्तियों के बार-बार टोकने से ऊब गया था। (घ) उसे मूर्तियों की बातों पर भरोसा नहीं रह गया था।

उत्तर:
(क) वह स्वयं को सिंहासन पर बैठने योग्य मानता था। ★
5

कहानी के अनुसार न्याय के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्या है? (क) टीले पर बच्चों का खेल (ख) विक्रमादित्य का सिंहासन (ग) सच्चाई और पवित्र मन (घ) योग्य शक्तिशाली राजा

उत्तर:
(ग) सच्चाई और पवित्र मन ★

सोचिए और लिखिए(6 questions)

1

कहानी में बच्चों का प्रिय खेल क्या था? यह खेल लोगों के बीच प्रसिद्ध क्यों हो गया?

उत्तर:
बच्चों का प्रिय खेल राजा और दरबारी बनकर न्याय करने का था। जब टीले पर बैठा लड़का पूरी निष्पक्षता, सच्चाई और बुद्धिमत्ता से सभी के गंभीर विवादों का सटीक फैसला सुनाने लगा, तो उसकी न्याय-बुद्धि की चर्चा धीरे-धीरे पूरे नगर में प्रसिद्ध हो गई।
2

लड़के और राजा में से कौन अच्छा न्याय करता था? आपको ऐसा क्यों लगता है?

उत्तर:
लड़के का न्याय राजा की तुलना में बहुत अच्छा था। लड़का निष्छल, निःस्वार्थ और पवित्र मन से निष्पक्ष होकर निर्णय लेता था। इसके विपरीत, राजा अहंकार से भरा हुआ था और उसने एक दरबारी की भूमि हड़पने जैसे अनुचित कार्य किए थे।
3

चौथी मूर्ति सिंहासन के साथ आकाश में क्यों उड़ गई?

उत्तर:
चौथी मूर्ति ने राजा को चेतावनी दी थी कि केवल निष्पाप और पवित्र मन वाला व्यक्ति ही इस पर बैठ सकता है। जब राजा अपने अहंकार के कारण अयोग्य होते हुए भी जिद में आगे बढ़ा, तब मूर्ति समझ गई कि वह योग्य नहीं है और सिंहासन लेकर उड़ गई।
4

इस कहानी में दो राजाओं के संबंध में बताया गया है। इन दोनों राजाओं में कौन-कौन से अंतर थे?

उत्तर:
राजा विक्रमादित्य अत्यंत न्यायप्रिय, निष्पक्ष और धर्मपरायण थे, जिनका मन पवित्र था। वहीं दूसरा राजा अहंकृत, स्वार्थी और असत्यवादी था। उसने सत्ता के अभिमान में अपने दरबारी की जमीन तक छीन ली थी और स्वयं को सर्वोपरि मानता था।
5

राजा को जब लड़के के न्याय के बारे में पता चला तो उसे क्रोध क्यों आया?

उत्तर:
राजा को लगा कि एक साधारण सा बालक स्वयं को उससे भी श्रेष्ठ न्यायकर्ता मान रहा है। उसके अहंकार को ठेस पहुँची कि लोग अपनी शिकायतें उसके दरबार में लाने के बजाय एक चरवाहे लड़के के पास ले जा रहे थे।
6

मूर्तियों ने राजा को बार-बार सिंहासन पर बैठने से क्यों रोका?

उत्तर:
विक्रमादित्य का सिंहासन केवल पवित्र और निष्पाप हृदय वाले न्यायप्रिय व्यक्ति के बैठने हेतु बना था। राजा ने जीवन में अन्याय, चोरी और असत्य भाषण किया था। उसकी इन्हीं कमियों और अयोग्यता का अहसास कराने के लिए मूर्तियों ने उसे रोका।

भाषा की ओर(7 questions)

1

नीचे दिए गए रेखांकित शब्दों को आपकी भाषा में क्या कहते हैं? लिखिए— पाठ से शब्द – आपकी भाषा में शब्द – इसके लिए कोई अन्य शब्द मैं राजा हूँ और तुम सब मेरे दरबारी। उसको बहुत क्रोध आया। तुमने कभी झूठ नहीं बोला? अवश्य ही उस लड़के में कोई दैवी शक्ति है। अपने मित्रों को बुलाकर वह शिला दिखाई।

उत्तर:
दरबारी – आपकी भाषा में: सभासद / मंत्री / कचहरी के लोग; अन्य शब्द: सभासद, मुसाहिब क्रोध – आपकी भाषा में: गुस्सा / रिस; अन्य शब्द: गुस्सा, रोष, कोप झूठ – आपकी भाषा में: असत्य / लबार; अन्य शब्द: असत्य, मिथ्या दैवी – आपकी भाषा में: ईश्वरीय / अलौकिक; अन्य शब्द: ईश्वरीय, कुदरती शिला – आपकी भाषा में: पत्थर / चट्टान; अन्य शब्द: पत्थर, पाषाण
2

नीचे दिए गए वाक्यों के काल पहचानिए। उनका काल बदलकर लिखिए— (क) वे रोज ही यह खेल खेलने लगे। (ख) मैं खुद जाकर देखूँगा।

उत्तर:
(क) वे रोज ही यह खेल खेलने लगे। – काल: भूतकाल वर्तमान काल – वे रोज ही यह खेल खेलते हैं। भविष्यत काल – वे रोज ही यह खेल खेलेंगे। (ख) मैं खुद जाकर देखूँगा। – काल: भविष्यत काल भूतकाल – मैंने खुद जाकर देखा। वर्तमान काल – मैं खुद जाकर देखता हूँ।
3

फिर से लिखें वाक्य — (क) नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों का लिंग बदलकर वाक्य पुनः लिखिए। वाक्य में अन्य आवश्यक परिवर्तन भी कीजिए। • उदाहरण: लड़कों को यह खेल पसंद आया। → लड़कियों को यह खेल पसंद आया। • एक लड़का कूदता-भागता एक टीले पर चढ़ गया। • राजा पीछे हट गया। • राजा सिंहासन की ओर दृढ़ कदमों से बढ़ा। (ख) कहानी के निम्नलिखित भाग को इस प्रकार लिखिए जिसमें सभी पात्र स्त्रीलिंग में हों— एक दिन लड़कों का एक झुंड वहाँ खेल रहा था। एक लड़का कूदता-भागता एक टीले पर चढ़ गया। वह ठोकर खाकर गिर पड़ा। उसको एक बड़े चिकने पत्थर के अलावा और कुछ नहीं दिखा। वह उठकर गया और अपने मित्रों को बुलाकर वह शिला दिखाई।

उत्तर:
(क) लिंग बदलकर वाक्य: उदाहरण – लड़कों को यह खेल पसंद आया। → लड़कियों को यह खेल पसंद आया। वाक्य 1 – एक लड़का कूदता-भागता एक टीले पर चढ़ गया। → एक लड़की कूदती-भागती एक टीले पर चढ़ गई। वाक्य 2 – राजा पीछे हट गया। → रानी पीछे हट गई। वाक्य 3 – राजा सिंहासन की ओर दृढ़ कदमों से बढ़ा। → रानी सिंहासन की ओर दृढ़ कदमों से बढ़ी। (ख) स्त्रीलिंग रूपांतर – "एक दिन लड़कियों का एक झुंड वहाँ खेल रहा था। एक लड़की कूदती-भागती एक टीले पर चढ़ गई। वह ठोकर खाकर गिर पड़ी। उसको एक बड़े चिकने पत्थर के अलावा और कुछ नहीं दिखा। वह उठकर गई और अपनी सहेलियों को बुलाकर वह शिला दिखाई।"
4

नीचे दिए गए वाक्यों में उचित स्थानों पर विराम चिह्न लगाइए— • चौथी मूर्ति ने कहा ठहरो जो लड़के इस सिंहासन पर बैठते थे वे भोले-भाले थे उनके मन में कलुष नहीं था अगर तुमको विश्वास है कि तुम इस योग्य हो तो इस सिंहासन पर बैठ सकते हो • राजा बड़ी देर तक सोचता रहा फिर उसने मन ही मन कहा अगर एक लड़का इस पर बैठ सकता है तो भला मैं क्यों नहीं बैठ सकता हूँ मैं राजा हूँ मुझसे ज्यादा धनवान बलवान और बुद्धिमान भला और कौन होगा मैं अवश्य इस सिंहासन पर बैठने योग्य हूँ

उत्तर:
चौथी मूर्ति ने कहा, "ठहरो! जो लड़के इस सिंहासन पर बैठते थे, वे भोले-भाले थे। उनके मन में कलुष नहीं था। अगर तुमको विश्वास है कि तुम इस योग्य हो, तो इस सिंहासन पर बैठ सकते हो।" राजा बड़ी देर तक सोचता रहा। फिर उसने मन ही मन कहा, "अगर एक लड़का इस पर बैठ सकता है, तो भला मैं क्यों नहीं बैठ सकता हूँ? मैं राजा हूँ। मुझसे ज्यादा धनवान, बलवान और बुद्धिमान भला और कौन होगा? मैं अवश्य इस सिंहासन पर बैठने योग्य हूँ।"
5

कल्पना कीजिए कि कहानी का लड़का आपसे बातचीत कर रहा है। उसकी और अपनी बातचीत को नीचे दिए गए विराम-चिह्नों का उपयोग करते हुए लिखिए— " , । ! ?"आपका नाम क्या है?" "मेरा नाम ...............।"

उत्तर:
लड़का – "आपका नाम क्या है?" मैं – "मेरा नाम सरित है।" लड़का – "क्या तुम भी मेरे साथ राजा-दरबारी का खेल खेलोगे?" मैं – "अरे वाह! यह तो बहुत मजेदार खेल होगा।" लड़का – "चलो, तुम अपनी फरियाद लेकर मेरे पास आओ!"
6

(क) नीचे दिए गए वाक्यों में नए-नए विशेषण जोड़कर वाक्यों को बढ़ाइए— • उसको ............... एक बड़े चिकने पत्थर के अलावा और कुछ नहीं दिखा। • उसी समय चौथी ............... मूर्ति पंख फैलाकर आकाश में उड़ गई। • भोले-भाले ............... लड़के इस सिंहासन पर बैठते थे। • ............... राजा सकपकाया। (ख) कहानी में आए व्यक्तियों/वस्तुओं के लिए उपयुक्त विशेषण शब्द लिखिए— • ............... सिंहासन • ............... राजा • ............... मूर्तियाँ • ............... लड़का • ............... मंत्री

उत्तर:
(क) विशेषण जोड़कर वाक्य: उसको एक बड़े चिकने काले पत्थर के अलावा और कुछ नहीं दिखा। उसी समय चौथी सुंदर मूर्ति पंख फैलाकर आकाश में उड़ गई। भोले-भाले मासूम लड़के इस सिंहासन पर बैठते थे। अहंकारी राजा सकपकाया। (ख) उपयुक्त विशेषण: सिंहासन – सुंदर, दिव्य, प्राचीन राजा – अहंकारी, शक्तिशाली, समृद्ध मूर्तियाँ – दिव्य, बोलती, पंखदार लड़का – न्यायप्रिय, बुद्धिमान, निष्छल मंत्री – समझदार, आज्ञाकारी, चतुर
7

कहानी से मुहावरे — कहानी में आए निम्नलिखित मुहावरों को पहचानिए। उनके अर्थ समझिए और अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए— ठोकर खाना बात फैलना झगड़ा उठ खड़ा होना कानों तक पहुँचना लोहा मानना खबर फैलना सिर झुकाना नजर आना

उत्तर:
ठोकर खाना – अर्थ: गलती होना / असफलता मिलना – प्रयोग: जीवन में ठोकर खाकर ही व्यक्ति सही राह पर चलना सीखता है। बात फैलना – अर्थ: चर्चा चारों ओर होना – प्रयोग: गाँव में बालक की बुद्धिमत्ता की बात फैल गई। झगड़ा उठ खड़ा होना – अर्थ: विवाद होना – प्रयोग: संपत्ति को लेकर दोनों भाइयों के बीच झगड़ा उठ खड़ा हुआ। कानों तक पहुँचना – अर्थ: जानकारी में आना – प्रयोग: भ्रष्टाचार की शिकायत उच्च अधिकारियों के कानों तक पहुँच गई। लोहा मानना – अर्थ: सामर्थ्य स्वीकार करना – प्रयोग: बालक के तर्कों का लोहा मानना सभी विद्वानों को पड़ा। खबर फैलना – अर्थ: सूचना प्रसारित होना – प्रयोग: राजा के आगमन की खबर फैलते ही भीड़ लग गई। सिर झुकाना – अर्थ: शर्मिंदा होना / हार मानना – प्रयोग: अपनी गलती पकड़ जाने पर मंत्री ने लज्जा से सिर झुका लिया। नजर आना – अर्थ: दिखाई देना – प्रयोग: घने कोहरे के कारण सड़क पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा था।

पाठ से आगे(9 questions)

1

यदि आज के समय में ऐसा कोई सिंहासन मिल जाए तो क्या लोग उसे न्याय करने के लिए उपयोग करेंगे? क्यों या क्यों नहीं?

उत्तर:
आज के समय में लोग इसे केवल एक ऐतिहासिक व चमत्कारी धरोहर मानेंगे। वर्तमान संवैधानिक व अदालती व्यवस्था के कारण न्याय का कार्य लिखित कानूनों से होता है। हालाँकि, यदि इस सिंहासन का निष्पक्ष प्रभाव सिद्ध हो जाए, तो लोग विवाद सुलझाने हेतु इसका सम्मानपूर्वक उपयोग कर सकते हैं।
2

कल्पना कीजिए कि मूर्तियाँ राजा से प्रश्न पूछने के बजाय उसे सुझाव देतीं। वे उसे कौन-कौन से सुझाव देतीं?

उत्तर:
मूर्तियाँ राजा को सुझाव देतीं कि सत्ता और धन के अहंकार को त्यागकर प्रजापालक बनो। दूसरों की संपत्ति हड़पने के बजाय अपनी प्रजा की सेवा करो। अपने मन को छल-कपट से मुक्त रखकर सच्चा न्याय करो, तभी तुम श्रेष्ठ राजा कहलाओगे।
3

यदि आप राजा होते तो मूर्तियों के प्रश्नों का क्या उत्तर देते?

उत्तर:
यदि मैं राजा होता, तो मूर्तियों के समक्ष अपनी भूलों को नम्रता से स्वीकार करता। मैं स्वीकार करता कि मनुष्य होने के नाते मुझसे गलतियाँ हुई हैं, और मैं प्रायश्चित करके खुद को पूरी तरह निष्पाप एवं योग्य बनाने के बाद ही इस सिंहासन पर बैठने का प्रयास करूँगा।
4

कहानी के अंत में राजा सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़ा। क्या राजा ने सही निर्णय लिया? वह और क्या-क्या कर सकता था?

उत्तर:
राजा का अहंकार में आगे बढ़ना गलत निर्णय था। उसे अपनी अयोग्यता समझकर सिंहासन पर बैठने की जिद छोड़ देनी चाहिए थी। वह उस पवित्र सिंहासन को संग्रहालय में रखवा सकता था, या किसी निष्पाप बालक को समर्पित कर राज्य में ईमानदारी से शासन चला सकता था।
5

कल्पना कीजिए कि नीचे दिए गए व्यक्तियों को राजा विक्रमादित्य का सिंहासन मिला है। सिंहासन की मूर्तियाँ इनसे कौन-कौन से प्रश्न पूछेंगी?

उत्तर:
आपसे – "क्या तुमने कभी माता-पिता या शिक्षकों से झूठ बोला है या अपने सहपाठियों का दिल दुखाया है?" आपके माता-पिता या अन्य किसी परिजन से – "क्या आपने कभी अपने स्वार्थ के लिए किसी के साथ पक्षपात या अन्याय किया है?" आपके शिक्षक/शिक्षिका से – "क्या आपने सभी विद्यार्थियों को एक समान माना है और बिना किसी भेदभाव के विद्या प्रदान की है?"
6

सृजन — 1. मान लीजिए कि इस कहानी के अंत में राजा सिंहासन पर बैठने में सफल हो जाता है। अब कहानी को आगे बढ़ाइए।

उत्तर:
सिंहासन पर बैठते ही राजा के भीतर का अहंकार समाप्त हो गया और उसका मन विक्रमादित्य की तरह अलौकिक व निष्पाप हो गया। वह प्रजा के हर दुख-दर्द को समझकर निष्पक्ष न्याय करने लगा। पूरे राज्य में सुख-शांति फैल गई और लोग राजा की न्यायप्रियता के गीत गाने लगे।
7

सृजन — 2. कहानी में राजा ने मूर्तियों के सवालों के जवाब सच्चाई से दिए थे। अगर वह झूठ बोलता तो कहानी कैसे बदल जाती?

उत्तर:
यदि राजा असत्य बोलकर सिंहासन पर बैठने का प्रयास करता, तो दिव्य मूर्तियों की जादुई शक्ति के प्रभाव से वह तुरंत पत्थर का बन जाता या मूर्तियों के क्रोध से उसका पूरा राज्य संकट में पड़ जाता। झूठ बोलने से उसका अहंकार उसकी पूर्ण तबाही का कारण बन जाता।
8

शांति-योजना — मान लीजिए कि आपको अपने स्कूल में किसी समस्या का हल निकालना है। अपने समूह में मिलकर उसकी योजना बनाइए।

उत्तर:
समस्या – कक्षा में खेल के सामान को लेकर दो समूहों के बीच विवाद। योजना – हम सभी सहपाठियों की एक शांति-समिति बनाएँगे। खेल के सामान का उपयोग करने के लिए दिन और समय का एक निश्चित समय-सारणी (टाइमटेबल) बनाया जाएगा। विवाद होने पर दोनों पक्षों की बात सुनकर सर्वसम्मति से निष्पक्ष निर्णय लिया जाएगा।
9

सुनो ध्यान से — अपने आस-पास की आवाजों को ध्यान से सुनिए और उन वस्तुओं/प्राणियों की सूची बनाइए।

उत्तर:
पक्षियों की आवाजें – चिड़ियों की चहचहाहट, कौवे की काँव-काँव। वाहनों की आवाजें – गाड़ियों के हॉर्न, साइकिल की घंटी। प्रकृति व अन्य आवाजें – हवा की सरसराहट, नल से टपकते पानी की बूँदें, घड़ी की टिक-टिक।

आज की पहेली(1 questions)

1

आज हम आपके लिए लाए हैं भारत के अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक पहेलियाँ। तो आइए, बूझते हैं ये रंग-बिरंगी पहेलियाँ— (क) 1. एक डिब्बी में बत्तीस बाबा 2. एक थाल औंधा पड़ा, नदी के तल पर रहा धरा 3. खाओ तो हड्डी नहीं, बोओ तो बीज नहीं 4. एक घर में सात द्वार 5. बचपन में हरी रही, बड़ी हुई तो लाल, जिसने मुझको काट लिया, उसका बिगड़ा हाल 6. कौन-से फल में बीज नहीं? 7. गोबर का उपला, नदी पर तैरे (ख) अपने राज्य में प्रचलित पहेलियाँ लिखिए और अपने साथियों से बूझिए।

उत्तर:
(क) उत्तर: 1. दाँत 2. कछुआ 3. केला 4. हमारा चेहरा / सिर (दो आँखें, दो कान, दो नथुने, एक मुँह) 5. लाल मिर्च 6. केला 7. कछुआ / जलकुंभी (ख) विद्यार्थी अपने राज्य की पहेलियाँ स्वयं लिखकर साथियों से बूझें।

शब्द-संपदा(11 questions)

1

शब्द: फरियाद अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?

उत्तर:
अर्थ: शिकायत, निवेदन, विनती, प्रार्थना आपकी भाषा में शब्द: अर्ज / प्रार्थना
2

शब्द: शिला अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?

उत्तर:
अर्थ: पत्थर, चट्टान, पाषाण, पत्थर का बड़ा चौड़ा टुकड़ा आपकी भाषा में शब्द: चट्टान / पत्थर
3

शब्द: लाव-लश्कर अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?

उत्तर:
अर्थ: सेना, सैनिकों का समूह, दल-बल आपकी भाषा में शब्द: फौज / लश्कर
4

शब्द: प्रजा अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?

उत्तर:
अर्थ: जनता, राज्य के निवासी आपकी भाषा में शब्द: जनता / आवाम
5

शब्द: प्रायश्चित अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?

उत्तर:
अर्थ: पश्चाताप, अपनी गलती सुधारने का कार्य आपकी भाषा में शब्द: पछतावा
6

शब्द: कलुष अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?

उत्तर:
अर्थ: पाप, गंदगी, मैल, दोष, कलंक आपकी भाषा में शब्द: पाप / पाप-भाव
7

शब्द: स्तंभित अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?

उत्तर:
अर्थ: अचंभित, हक्का-बक्का, निश्चल, सुन्न, ठहरा हुआ आपकी भाषा में शब्द: हैरान / चकित
8

शब्द: सकपकाना अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?

उत्तर:
अर्थ: घबरा जाना, डर जाना, हिचकिचाना, चकपकाना आपकी भाषा में शब्द: हिचकिचाना
9

शब्द: दैवी अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?

उत्तर:
अर्थ: देवताओं की दी हुई, अलौकिक आपकी भाषा में शब्द: अलौकिक / कुदरती
10

शब्द: न्याय-बुद्धि अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?

उत्तर:
अर्थ: न्याय करने की क्षमता, सही-गलत का विवेक आपकी भाषा में शब्द: इंसाफ की समझ
11

शब्द: मजाल अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?

उत्तर:
अर्थ: साहस, हिम्मत, सामर्थ्य, शक्ति, ताकत आपकी भाषा में शब्द: हिम्मत / औकात

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