Class 9 · HindiNCERT 2026 Revised Syllabus
Chapter 4: बसंती हवा
R3 book- Reva
Find complete NCERT solutions for Class 9 Hindi, R3 book- Reva Chapter 4. Every question has a clear, step-by-step answer.
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सोचिए और लिखिए(5 questions)
1
बसंती हवा अपना परिचय कैसे देती है?
उत्तर:
बसंती हवा अपना परिचय देते हुए स्वयं को अनोखी, निडर, बावली और मस्तमौला बताती है। वह कहती है कि उसका कोई निश्चित घर-बार या उद्देश्य नहीं है, और न ही उसे किसी की आशा या भय है। वह एक स्वतंत्र मुसाफ़िर की तरह बिना किसी चिंता के जहाँ चाहती है, वहाँ घूमती है।
2
कविता में बसंती हवा का कौन-सा गुण आपको सबसे अधिक प्रभावित करता है?
उत्तर:
कविता में बसंती हवा का 'मस्तमौला और निडर' स्वभाव मुझे सबसे अधिक प्रभावित करता है। वह किसी भी प्रकार की चिंता या बंधनों से मुक्त होकर संपूर्ण सृष्टि में खुशियाँ बिखेरती है।
3
कविता में एक जगह बसंती हवा हार मान लेती है। उन पंक्तियों को खोजकर लिखिए।
उत्तर:
कविता में बसंती हवा अलसी के पौधे के सिर पर रखी कलसी को गिराने की कोशिश करती है, परंतु जब कलसी नहीं गिरती तो वह हार मान लेती है। संबंधित पंक्तियाँ इस प्रकार हैं:> "मुझे खूब सूझी–
>
> हिलाया-झुलाया,
>
> गिरी पर न कलसी!
>
> इसी हार को पा,
>
> हिलाई न सरसों,
>
> झुलाई न सरसों!"
4
'बसंती हवा' कविता क्या संदेश देती है?
उत्तर:
'बसंती हवा' कविता हमें जीवन को बिना किसी बेवजह की चिंता, भय या राग-द्वेष के निडरतापूर्वक और मस्तमौला अंदाज़ में जीने का संदेश देती है। यह कविता प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर खुशियाँ बाँटने और स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
5
बसंती हवा सरसों को क्यों नहीं हिला-झुला पाई?
उत्तर:
अलसी को बहुत हिलाने-डुलाने के बाद भी जब उसके सिर से कलसी नहीं गिरी, तो बसंती हवा स्वयं को पराजित महसूस करने लगी। इसी हार से उदास और लज्जित होकर उसने सरसों को बिल्कुल भी नहीं हिलाया-झुलाया।
भाषा की ओर(5 questions)
1
जब किसी नाम को बार-बार दोहराने से बचने के लिए उसके स्थान पर दूसरे शब्दों की आवश्यकता होती है, तब सर्वनाम का उपयोग होता है। सर्वनाम के प्रयोग से वाक्य अधिक सुंदर और प्रभावशाली बनते हैं।"हवा हूँ, हवा मैं, बसंती हवा हूँ!" • पंक्ति में 'मैं' शब्द किसके लिए आया है? • आप अपने मित्र के नाम के बदले किस शब्द का प्रयोग करेंगे? • आप अपने से बड़ों के नाम के बदले किन शब्दों का प्रयोग करेंगे?
उत्तर:
• 'मैं' शब्द बसंती हवा के लिए आया है।
• हम अपने मित्र के लिए 'तुम', 'वह', या 'तुम्हारा' शब्द का प्रयोग करेंगे।
• अपने से बड़ों के लिए हम 'आप', 'उनका', या 'उन्हें' जैसे सम्मानसूचक शब्दों का प्रयोग करेंगे।
2
नीचे वाक्यों में दिए गए रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्दों का चयन कर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए— भयभीत, मित्र, जीत, बड़ा• मेरी सहेली निडर है परंतु शेर को देखकर ............... हो गई। • चूहा बहुत छोटा होता है लेकिन हाथी बहुत ............... होता है। • शेखर के सरल स्वभाव के कारण उसका कोई शत्रु नहीं था, सभी उसके ............... थे। • मैच में हार जाने वाली टीम ने ............... जाने वाली टीम को बधाई दी।
उत्तर:
• मेरी सहेली निडर है परंतु शेर को देखकर भयभीत हो गई।
• चूहा बहुत छोटा होता है लेकिन हाथी बहुत बड़ा होता है।
• शेखर के सरल स्वभाव के कारण उसका कोई शत्रु नहीं था, सभी उसके मित्र थे।
• मैच में हार जाने वाली टीम ने जीत जाने वाली टीम को बधाई दी।
3
नीचे दिए गए एक जैसी या मिलती-जुलती ध्वनि वाले शब्दों पर गोला बनाइए— • जिधर – उधर, मगन, कमरा • हिलाई – चलाना, झुलाई, सिकाई • मनाया – पकाया, चलाया, बनाना
उत्तर:
• जिधर – उधर (मगन, कमरा गलत हैं)
• हिलाई – झुलाई / सिकाई (चलाना गलत है)
• मनाया – पकाया / चलाया (बनाना गलत है)
4
नीचे दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्दों पर घेरा बनाइए— • नदी – सरिता, तटिनी, नहर • पोखर – तालाब, प्रपात, सरोवर • घर – आवास, सदन, मंजिल • पेड़ – तरु, पौधा, वृक्ष
उत्तर:
• नदी – सरिता, तटिनी (नहर भिन्न है)
• पोखर – तालाब, सरोवर (प्रपात भिन्न है)
• घर – आवास, सदन (मंजिल भिन्न है)
• पेड़ – तरु, वृक्ष (पौधा छोटा रूप है)
5
'बसंती' शब्द में अनुस्वार ( ं ) का प्रयोग हुआ है और 'हूँ' शब्द में अनुनासिक ( ँ ) का प्रयोग हुआ है। आप इन शब्दों में अनुस्वार ( ं ) या अनुनासिक ( ँ ) लगाकर शब्द लिखिए— नही वहा पहुची सरसो हसे
उत्तर:
अनुस्वार वाले शब्द: पंख, तरंग, वसंत, सुगंध, आनंद।
अनुनासिक वाले शब्द: गाँव, पाँव, माँ, छाँव, आँच।दिए गए शब्दों में चिह्न लगाकर:
नहीं
वहाँ
पहुँची
सरसों
हँसे
पाठ से आगे(4 questions)
1
जिस तरह बसंती हवा अपना परिचय कविता में दे रही है, आप कक्षा में अपना परिचय दीजिए।
उत्तर:
"नमस्ते, मैं सारित चक्रवर्ती हूँ। मैं कक्षा 8वीं की छात्रा हूँ। मुझे विज्ञान, कोडिंग और नई तकनीकों पर काम करना बेहद पसंद है। बसंती हवा की तरह ही मुझे भी स्वतंत्र रूप से सोचना और हमेशा नए-नए विचारों की खोज में आगे बढ़ते रहना अच्छा लगता है।"
2
भारत की ऋतुओं में बसंत ऋतु के महत्व पर एक अनुच्छेद लिखिए।
उत्तर:
भारत में वसंत ऋतु को 'ऋतुराज' यानी सभी ऋतुओं का राजा कहा जाता है। यह ऋतु शीतकाल की ठिठुरन के बाद और ग्रीष्मकाल की भीषण गर्मी से पहले आती है। वसंत ऋतु में मौसम अत्यंत सुहावना, न अधिक गर्म और न अधिक ठंडा होता है। चारों ओर खेतों में पीली सरसों लहलहाती है, वृक्षों पर नए कोमल पत्ते आते हैं और बगीचे रंग-बिरंगे फूलों से महक उठते हैं। यह ऋतु प्रकृति में नए जीवन, उमंग और खुशहाली का संचार करती है।
3
आज हवा भी प्रदूषित हो रही है। वायु प्रदूषण के कारणों पर चर्चा कीजिए और उसकी रोकथाम के लिए उपाय बताइए।
उत्तर:
वायु प्रदूषण के कारण:• वाहनों और औद्योगिक कारखानों से निकलने वाला हानिकारक धुआँ।
• जंगलों और हरे-भरे वृक्षों की अंधाधुंध कटाई।
• कचरा, प्लास्टिक और पराली जलाना।रोकथाम के उपाय:• अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण करना।
• सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय (Renewable) ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना।
• सी.एन.जी. व इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करना तथा निजी गाड़ियों की जगह सार्वजनिक परिवहन का प्रयोग करना।
4
कल्पना कीजिए यदि प्रकृति में सुंदर-सुंदर रंग नहीं होते तो कैसा लगता?
उत्तर:
यदि प्रकृति में सुंदर-सुंदर रंग न होते, तो पूरी दुनिया नीरस, बेरंग और उदास लगती। रंगों के बिना हम वसंत के खिलते फूलों, हरे-भरे खेतों, नीले आकाश और तितलियों की सुंदरता का आनंद नहीं ले पाते। रंगों की अनुपस्थिति से मनुष्य के जीवन की सृजनात्मकता, उत्साह और मानसिक प्रसन्नता भी खत्म हो जाती।
खोजबीन(1 questions)
1
नीचे दी गई एनसीईआरटी की आधिकारिक यू-ट्यूब इंटरनेट कड़ी (लिंक) का प्रयोग करके आप इस पाठ के बारे में और अधिक जान-समझ सकते हैं। https://www.youtube.com/watch?v=-ScgMMY5DYk&list=RD-ScgMMY5DYk&start_radio=
उत्तर:
कड़ी सुनते हुए कविता का भाव ग्रहण करें — हवा कहती है ‘न घर-बार मेरा, न उद्देश्य मेरा’; वह महुए को थपथपाती, आम को झकझोरती, गेहूँ में लहर बनती है, पर अलसी से हारकर सरसों को नहीं छेड़ती (खेल भावना)। सुनते समय नोट करें — (1) मानवीकरण के उदाहरण, (2) ‘बावली-मस्तमौला’ विशेषणों का अर्थ, (3) स्वतंत्रता और उमंग का संदेश।
शब्द-संपदा(12 questions)
1
शब्द: बसंती हवा अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर:
अर्थ: वसंत ऋतु में चलने वाली हवा
आपकी भाषा में शब्द: वासंती बयार / वसंत की हवा
2
शब्द: बावली अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर:
अर्थ: पगली, सनकी
आपकी भाषा में शब्द: चंचल / पगली
3
शब्द: मस्तमौला अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर:
अर्थ: आज़ाद तबीयत का, सदा मस्त रहने वाला
आपकी भाषा में शब्द: बिंदास / मनमौजी
4
शब्द: मुसाफ़िर अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर:
अर्थ: यात्री
आपकी भाषा में शब्द: राही / मुसाफ़िर
5
शब्द: अजब अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर:
अर्थ: अनोखा, विचित्र
आपकी भाषा में शब्द: अजूबा / अनोखा
6
शब्द: पोखर अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर:
अर्थ: तालाब
आपकी भाषा में शब्द: पोखर / पोखरा
7
शब्द: महुआ अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर:
अर्थ: फल-फूल देने वाला एक प्रकार का पेड़
आपकी भाषा में शब्द: महुआ का पेड़
8
शब्द: झकोरा अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर:
अर्थ: जोर से हिलाया
आपकी भाषा में शब्द: झोंका / झकोरा
9
शब्द: अलसी अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर:
अर्थ: तीसी (तेल देने वाला पौधा)
आपकी भाषा में शब्द: तीसी
10
शब्द: कलसी अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर:
अर्थ: छोटा घड़ा, गगरी
आपकी भाषा में शब्द: मटकी / गगरी
11
शब्द: अरहरी अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर:
अर्थ: अरहर का पौधा / दाल
आपकी भाषा में शब्द: राहड़ / अरहर
12
शब्द: लहलहाते अर्थ बताइए और अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर:
अर्थ: प्रसन्नचित्त, प्रफुल्लित, खुशी से भरे हुए
आपकी भाषा में शब्द: लहलहाते / झूमते हुए
बातचीत के लिए(5 questions)
1
कविता में बसंती हवा अपना परिचय कैसे देती है?
उत्तर:
बसंती हवा स्वयं को अनोखी, बावली, मस्तमौला और निडर बताती है। वह स्वतंत्र होकर जहाँ चाहती है, घूमती है।
2
कविता में बसंती हवा का कौन-सा गुण आपको सबसे अधिक प्रभावित करता है?
उत्तर:
उसकी स्वतंत्रता और निडरता मुझे सबसे अधिक प्रभावित करती है।
3
कविता में एक जगह बसंती हवा हार मान लेती है। उन पंक्तियों को खोजकर लिखिए।
उत्तर:
“इसी हार को पा, / हिलाई न सरसों, / झुलाई न सरसों!”
4
'बसंती हवा' कविता क्या संदेश देती है?
उत्तर:
कविता प्रकृति की स्वतंत्र, चंचल और आनंदमयी गति का चित्रण करती है तथा जीवन में उमंग और निर्भीकता का भाव जगाती है।
5
बसंती हवा सरसों को क्यों नहीं हिला-झुला पाई?
उत्तर:
कलसी को गिराने में असफल होने के बाद हवा ने मानो हार स्वीकार कर ली और सरसों को हिलाने-झुलाने का प्रयास नहीं किया।