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Class 9 · HindiNCERT 2026 Revised Syllabus

Chapter 8: कबीर के दोहे

R3 book- Reva

Find complete NCERT solutions for Class 9 Hindi, R3 book- Reva Chapter 8. Every question has a clear, step-by-step answer.

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मेरी समझ से(5 questions)

1

"ऐसी बानी बोलिए" दोहे में 'आपा खोय' का अर्थ है— (क) मन से लोभ हटा देना (ख) मन से अहंकार हटा देना (ग) मन से क्रोध को हटा देना (घ) मन से आलस्य को हटा देना

उत्तर:
(ख) मन से अहंकार हटा देना ★
2

"बड़ा हुआ तो क्या हुआ..." कहकर कबीर क्या समझाना चाहते हैं? (क) ऊँचे पद का सब सदैव सम्मान करते हैं। (ख) सेवा-भावना से ही व्यक्ति महान बनता है। (ग) पढ़-लिखकर हमें ऊँचा पद प्राप्त करना चाहिए। (घ) हमें पर्यावरण को बचाने के लिए प्रयास करने चाहिए।

उत्तर:
(ख) सेवा-भावना से ही व्यक्ति महान बनता है। ★
3

किसी भी कार्य की अति (अधिकता) के बारे में कबीर का क्या विचार है? (क) यह सदैव हानिकारक होती है। (ख) यह सदैव लाभदायक होती है। (ग) अति से ही हम कुशल बनते हैं। (घ) यह कभी लाभदायक और कभी हानिकारक होती है।

उत्तर:
(क) यह सदैव हानिकारक होती है। ★
4

"काल्हह करै सो आज कर आज करै सो अबब" पंक्ति का आशय है— (क) समय के महत्व को समझना (ख) परिश्रम के महत्व को समझना (ग) अनुशासन के महत्व को समझना (घ) विद्यार्थी जीवन के महत्व को समझना

उत्तर:
(क) समय के महत्व को समझना ★
5

कबीर के अनुसार प्रभु का स्मरण (सुमिरन) कब करना चाहिए? (क) सुख के दिनों में (ख) दुख के दिनों में (ग) सुख और दुख दोनों ही पलों में (घ) जब मन की कोई इच्छा पूरी करवानी हो

उत्तर:
(ग) सुख और दुख दोनों ही पलों में ★

सोचिए और लिखिए(4 questions)

1

कबीर ने गुरु को अधिक महत्वपूर्ण क्यों माना है?

उत्तर:
कबीर ने गुरु को ईश्वर से भी अधिक महत्वपूर्ण माना है क्योंकि गुरु ही शिष्य को ज्ञान देकर ईश्वर (गोविंद) तक पहुँचने का मार्ग दिखाते हैं।
2

कबीर ने खजूर के पेड़ का उदाहरण क्यों दिया है?

उत्तर:
खजूर का पेड़ बहुत ऊँचा होता है, लेकिन न तो वह राहगीरों को छाया दे पाता है और न ही उसके फल आसानी से तोड़े जा सकते हैं। कबीर ने इसका उदाहरण यह समझाने के लिए दिया है कि बिना सेवा-भाव और परोपकार के केवल बड़ा या धनवान होना व्यर्थ है।
3

"किसी भी कार्य की अति अच्छी नहीं होती।" उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:
किसी भी चीज़ की अधिकता नुकसानदायक होती है। उदाहरण के लिए, जैसे बहुत अधिक बारिश होने से बाढ़ आ जाती है और बहुत अधिक धूप होने से फसलें सूख जाती हैं, उसी प्रकार बहुत अधिक बोलना या बहुत अधिक चुप रहना दोनों ही हानिकारक हैं।
4

"औरन को सीतल करै, आपहुँ सीतल होय" पंक्ति के द्वारा कबीर क्या कहना चाहते हैं?

उत्तर:
कबीर जी कहना चाहते हैं कि जब हम अहंकार त्यागकर मीठी और नम्र वाणी बोलते हैं, तो उससे सुनने वाले का मन शांत और प्रसन्न होता ही है, साथ ही हमारे अपने मन को भी असीम शांति और सुख का अनुभव होता है।

भाषा की ओर(4 questions)

1

मिलान करें — निम्नलिखित पंक्तियों को उनके भावों से जोड़िए— पंक्तियाँ – भाव "बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।" – पद बड़ा होने के साथ व्यक्ति में सेवा-भाव भी होना चाहिए। इसी में उसकी महानता है। "औरन को सीतल करै, आपहुँ सीतल होय।" – मीठी वाणी स्वयं और सुनने वाले दोनों के मन को आनंदित करती है। "अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।" – किसी भी कार्य की अधिकता अच्छी नहीं होती है। "गुरु गोविंद दोऊ खडे, काके लागौं पाँय।" – गुरु का महत्व ईश्वर से भी बड़ा है।

उत्तर:
"बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।" – पद बड़ा होने के साथ व्यक्ति में सेवा-भाव भी होना चाहिए। इसी में उसकी महानता है। "औरन को सीतल करै, आपहुँ सीतल होय।" – मीठी वाणी स्वयं और सुनने वाले दोनों के मन को आनंदित करती है। "अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।" – किसी भी कार्य की अधिकता अच्छी नहीं होती है। "गुरु गोविंद दोऊ खडे, काके लागौं पाँय।" – ईश्वर से भी अधिक ऊँचा स्थान गुरु का है क्योंकि वे ही ईश्वर तक जाने का मार्ग दिखाते हैं।
2

तुकांत शब्द — जिन शब्दों के अंत की ध्वनि मिलती-जुलती होती है, उन्हें 'तुकांत शब्द' कहते हैं। जैसे— गुरु गोविंद दोऊ खडे, काके लागौं पाँय। बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय॥ पाँय – बताय (तुकांत शब्द) इनसे मिलते-जुलते अन्य शब्द— हँसाय, सुनाय आदि इसी प्रकार अन्य दोहों के तुकांत शब्द छाँटकर उनसे मिलते-जुलते दो अन्य शब्द भी लिखिए।

उत्तर:
खोय – होय → रोय, सोय चूप – धूप → रूप, कूप खजूर – दूर → नूर, कसूर अब्ब – कब्ब → जब्ब, सब्ब कोय – होय → मोय, जोय
4

"गुरु गोविंद दोऊ खडे, काके लागौं पाँय।" पंक्ति में 'गुरु' शब्द में 'र' पर 'उ' की मात्रा लगी है। इसमें लगी मात्रा के आकार को ध्यान से देखिए। अब इसमें 'ऊ' की मात्रा लगाकर देखिए। आपने देखा कि दोनों के आकार में थोड़ा अंतर है— रु – रू। आइए, इनसे दो-दो शब्द बनाइए— रु – रुकावट, ..................., ................... रू – रूप, ..................., ...................

उत्तर:
रु (ह्रस्व 'उ') – रुकावट, रुचि, रुपया, गुरु रू (दीर्घ 'ऊ') – रूप, रूठना, अमरूद, रूपया
5

वाक्य में सामान्यतः कर्ता (कार्य करने वाला) पहले आता है और सबसे बाद में क्रिया आती है। इनके बीच में भी शब्दों का विशेष क्रम होता है। आइए, इन वाक्यों के शब्दों को उपयुक्त क्रम में लगाएँ— (क) बोलनी चाहिए मीठी बोली हमें। (ख) बुरी होती है अति किसी भी कार्य की। (ग) हमें करना चाहिए नहीं अधिक प्रयोग मोबाइल का। (घ) कल पर नहीं टालना चाहिए कोई भी कार्य हमें।

उत्तर:
(क) हमें मीठी बोली बोलनी चाहिए। (ख) किसी भी कार्य की अति बुरी होती है। (ग) हमें मोबाइल का अधिक प्रयोग नहीं करना चाहिए। (घ) हमें कोई भी कार्य कल पर नहीं टालना चाहिए।

बातचीत के लिए(5 questions)

1

जब कोई हमसे कठोर वाणी में बात करता है, उस समय हम कैसा अनुभव करते हैं? कैसी वाणी का प्रयोग हम सबके लिए सही है?

उत्तर:
कठोर वाणी से दुख, क्रोध या अपमान का अनुभव हो सकता है। इसलिए हमें मधुर, विनम्र और सम्मानपूर्ण वाणी का प्रयोग करना चाहिए।
2

क्या आपने कभी क्रोध में किसी से कठोर शब्द कहे हैं? क्रोध शांत होने के बाद आपको कैसा अनुभव हुआ?

उत्तर:
हाँ, ऐसी स्थिति में बाद में पछतावा होता है। इसलिए क्रोध में बोलने से पहले स्वयं को शांत करना उचित है।
3

आपके विचार में अधिक बोलना अच्छा है या चुप रहना? क्यों?

उत्तर:
न अधिक बोलना हमेशा अच्छा है, न हर समय चुप रहना। परिस्थिति के अनुसार उचित, मधुर और आवश्यक बात कहना बेहतर है।
4

कुछ लोग काम को कल पर क्यों टाल देते हैं? क्या कभी आपने भी किसी काम को कल पर टाला है? इसका क्या परिणाम हुआ?

उत्तर:
लापरवाही, आलस्य या समय-प्रबंधन की कमी से लोग काम टालते हैं। काम टालने से समय का दबाव और तनाव बढ़ सकता है।
5

कबीर के इन दोहों में आपको कौन-सा दोहा सबसे अच्छा लगा और क्यों?

उत्तर:
मुझे ‘काल्ह करै सो आज कर’ वाला दोहा सबसे अच्छा लगता है, क्योंकि यह समय पर काम पूरा करने और टालमटोल से बचने की सीख देता है।

भाषा की ओर — मातृभाषा(1 questions)

1

आपकी भाषा में निम्नलिखित शब्दों को क्या कहा जाता है? इनके साथ कुछ अन्य शब्द भी लिखिए— गुरु, पेड़, छाया, सुख।

उत्तर:
उत्तर अपनी मातृभाषा के अनुसार लिखें। उदाहरण के लिए हिंदी में: गुरु, पेड़, छाया, सुख।

पाठ से आगे(2 questions)

1

अगर सभी मनुष्य अपनी वाणी को मीठी और शांति देने वाली बना लें तो समाज में क्या बदलाव दिखाई देगा?

उत्तर:
समाज में विवाद और कटुता कम होगी, आपसी सम्मान और सहयोग बढ़ेगा तथा संबंध अधिक सौहार्दपूर्ण होंगे।
2

अगर हम आवश्यकता से अधिक मोबाइल या सोशल मीडिया का प्रयोग करें तो उसके क्या दुष्परिणाम हो सकते हैं?

उत्तर:
समय की बर्बादी, पढ़ाई और नींद पर प्रभाव, ध्यान में कमी तथा सामाजिक संबंधों में असंतुलन जैसे दुष्परिणाम हो सकते हैं।

सृजन(2 questions)

1

यदि आपको कभी कबीर मिल जाएँ तो आप उनसे क्या-क्या बातें करेंगे? अपनी कल्पना से संवाद लिखिए।

उत्तर:
मैं कबीर से उनकी रचनाओं, जीवन-अनुभवों और सरल भाषा में गहरी बातें कहने की कला के बारे में प्रश्न करूँगा और उनसे सीखने का प्रयास करूँगा।
2

‘काल्ह करै सो आज कर’ के विचार पर लगभग 60–70 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए।

उत्तर:
काम को कल पर टालना अक्सर समस्या बढ़ाता है। जब हम कार्य को समय पर पूरा करते हैं, तो तनाव कम रहता है और समय का सही उपयोग होता है। मैंने भी कभी-कभी काम टाला है और बाद में कम समय में उसे पूरा करने में कठिनाई हुई। इसलिए समय रहते काम पूरा करना अधिक उचित है।

परियोजना(2 questions)

1

कबीर के दोहों, भजनों और गीतों में से किसी एक को खोजकर सुनिए और कक्षा के लिए लिखित संकलन तैयार कीजिए।

उत्तर:
यह एक परियोजना-आधारित गतिविधि है। चुने गए कबीर-गीत/दोहा का स्रोत, पाठ और संक्षिप्त भावार्थ संकलित किया जा सकता है।
2

कबीर के इन दोहों का सस्वर अथवा संगीतबद्ध वाचन कीजिए।

उत्तर:
कक्षा में दोहों का स्पष्ट उच्चारण, उचित लय और अर्थानुसार भाव-प्रस्तुति के साथ वाचन करें।

खोजबीन(2 questions)

1

संत कबीर और उनकी रचनाओं के बारे में अन्य स्रोतों से जानकारी एकत्र कीजिए।

उत्तर:
कबीर 15वीं शताब्दी के संत-कवि थे। उनकी वाणी में सरल भाषा, सामाजिक रूढ़ियों पर प्रश्न और मानवीय मूल्यों पर बल मिलता है।
2

कबीर के दोहों और भजनों का संकलन तैयार कीजिए।

उत्तर:
चुने गए दोहों/भजनों को विश्वसनीय स्रोत से लेकर लेखक/स्रोत का उल्लेख करते हुए संकलित किया जा सकता है।

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