Class 9 · HindiNCERT 2026 Revised Syllabus
Chapter 7: मैं और मेरा देश (0901CH07)
R1 and R2 book- Ganga
व्यक्ति और देश के अंतर्संबंधों पर आधारित निबंध — नागरिक के अधिकार-कर्तव्य, देश-गौरव और स्वतंत्रता के महत्व की प्रेरक अभिव्यक्ति।
Chapter code: 0901ch07 · Book: R1 and R2 book- Ganga · Class 9 Hindi
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रचना से संवाद — मेरे उत्तर मेरे तर्क(6 questions)
1
"एक दिन आनंद की इस दीवार में दरार पड़ गई", इस पंक्ति में रेखांकित शब्द 'दरार' किस ओर संकेत करता है? (क) पूर्णता के भाव की तुष्टि (ख) पारस्परिक संबंध टूटने की स्थिति (ग) पूर्णता के भाव पर प्रहार (घ) सुख-सुविधाओं का अभाव
उत्तर:
(ग) पूर्णता के भाव पर प्रहार।क्यों – यहाँ लेखक कहना चाहता है कि वह स्वयं को 'पूर्ण' समझ रहा था, किंतु एक दिन वह 'पूर्णता' का विचार खंडित हो गया।
2
निबंध में कहा गया है कि "ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में एक अपूर्व आनंद आता है।" लेखक को किस तरह के प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद की अनुभूति होती है? (क) बात को विस्तार देने वाले प्रश्नों का (ख) बात का निष्कर्ष प्रस्तुत करने वाले प्रश्नों का (ग) बिना किसी संदर्भ के पूछे गए प्रश्नों का (घ) किसी की समझ का आकलन करने वाले प्रश्नों का
उत्तर:
(क) बात को विस्तार देने वाले प्रश्नों का।क्यों – लेखक कहता है कि मुझे ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में बहुत आनंद आता है जिसमें विषय को खोलने का अवसर हो।
3
"अपने महान राष्ट्र की पराधीनता के दीन दिनों में जिन लोगों ने अपने रक्त से गौरव के दीपक जलाए", इस वाक्य में पराधीनता के दिनों को दीन कहा गया है क्योंकि पराधीन भारत में- (क) भोजन, आवास और वस्त्र जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। (ख) लोगों के आत्मसम्मान और गौरव की भावना का दमन होता था। (ग) महत्वपूर्ण निर्णय लेने की स्वतंत्रता थी। (घ) धार्मिक रीति-रिवाजों को मनाने पर रोक लगाई जाती थी।
उत्तर:
(ख) लोगों के आत्मसम्मान और गौरव की भावना का दमन होता था।क्यों – पराधीन व्यक्ति अपनी नज़रों में छोटा होता है।
4
निबंध के अनुसार मनुष्य साधन-संपन्न होते हुए भी गौरव का अनुभव नहीं कर सकते यदि- (क) उन्हें विदेश भ्रमण के अवसर न मिलें। (ख) उनका देश किसी दूसरे देश के अधीन हो। (ग) उनके नगर की शासन प्रणाली कमजोर हो। (घ) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन होता हो।
उत्तर:
(ख) उनका देश किसी दूसरे देश के अधीन हो।क्यों – अधीनता घुन की तरह मनुष्य के गौरव को खा जाती है। वह देश-विदेश कहीं भी जाए, पराधीनता का कलंक उसे खाए जाता है।
5
"पर उन दो घटनाओं में वह गाँठ इतनी साफ है", इस वाक्य में रेखांकित शब्द 'गाँठ' किन दो बातों को साथ बाँधती है? (क) देश और नागरिक (ख) देश और संविधान (ग) देश और विदेश (घ) व्यवसाय और आजीविका
उत्तर:
(क) देश और नागरिक।क्यों – इस निबंध में 'मैं' अर्थात एक नागरिक और उसके 'देश' के संबंधों की ही चर्चा हुई है।
6
प्रस्तुत निबंध में मुख्यतः कौन-सा भाव व्यक्त हुआ है? (क) लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था (ख) पारिवारिक संबंधों का महत्व (ग) व्यक्ति और देश का अंतर्संबंध (घ) देश का महत्व और व्यक्ति की उपेक्षा
उत्तर:
(ग) व्यक्ति और देश का अंतर्संबंध।क्यों – इस निबंध का मूल उद्देश्य यही है।
मेरी समझ मेरे विचार(3 questions)
1
स्वामी रामतीर्थ फल देने वाले युवक का उत्तर सुनकर मुग्ध क्यों हो गए?
उत्तर:
स्वामी रामतीर्थ फलों की टोकरी भेंट करने वाले जापानी युवक का उत्तर सुनकर उस पर मुग्ध हो गए। उस युवक के उत्तर में उसका देशप्रेम झलक रहा था। इस देशप्रेम ने स्वामी रामतीर्थ को मुग्ध कर दिया।
2
जापान के युवक ने स्वामी रामतीर्थ को दिए गए फलों के मूल्य के रूप में क्या माँगा? आपके मन में उस युवक के व्यक्तित्व की कौन-सी छवि उभरती है, यह भी लिखिए।
उत्तर:
जापान के नवयुवक ने फलों की टोकरी के बदले स्वामी रामतीर्थ से यह मूल्य माँगा – आप अपने देश में जाकर यह न कहें कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते। यह उत्तर सुनकर मेरे मन में उस युवक के प्रति सम्मान की भावना उपजती है। मुझे वह देशभक्त नागरिक लगता है।
3
"बात यह है कि मैं और मेरा देश दो अलग चीज तो हैं ही नहीं।" स्वयं को देश से अलग न मानने के पीछे क्या तर्क हो सकते हैं, उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
यह बात सही है कि व्यक्ति और देश एक-दूसरे से पूरी तरह जुड़े हुए हैं। व्यक्तियों का समूह ही देश कहलाता है। अतः जब व्यक्ति अच्छे कार्य करते हैं तो देश का नाम ऊँचा होता है। वे देश की सुरक्षा करते हैं तो देश शक्तिशाली माना जाता है। वे सुंदर कार्य करते हैं तो देश का सौंदर्य-बोध अच्छा माना जाता है।उदाहरणतः जापानी युवक ने स्वामी रामतीर्थ को अपनी ओर से फलों की टोकरी लाकर दी। इससे उसका ही गौरव नहीं बढ़ा, पूरे जापानवासियों को गौरव बढ़ा। इसी तरह किसी विदेशी छात्र ने जापान के पुस्तकालय से चित्र फाड़ लिया। इसका दंड केवल उसी को नहीं मिला, बल्कि उसके सभी देशवासियों को दंडित किया गया। इससे पता चलता है कि व्यक्ति और देश अभिन्न हैं। 'मैं' और 'देश' एक हैं।
मेरे अनुभव मेरे विचार(12 questions)
1
"देश की हीनता और गौरव का ही फल उसे नहीं मिलता, उसकी हीनता और गौरव का फल भी उसके देश को मिलता है", अपने आस-पास के विभिन्न उदाहरणों के द्वारा इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
यह बात सच है कि देश और नागरिक दोनों को एक-दूसरे का लाभ मिलता है। मुझे याद है, मैं श्रीलंका की यात्रा पर गया था। वहाँ मेरा खूब सम्मान हुआ। मैं विवेकानंद मंदिर गया। वहाँ के पुजारियों ने मुझे भारतीय जानकर मुझे अधिक सम्मान दिया। मुझे लगा मेरे देश के गौरव के कारण मेरा भी सम्मान बढ़ गया।फिर मैं होटल में गया। मेरे साथ मेरे प्रांत के तीन और मित्र थे। उन्होंने होटल छोड़ते समय होटल के कुछ बर्तन अपने सामान में रख लिए। वे पकड़े गए। तभी होटल मालिक ने मेरे प्रांत का नाम कहकर स्वागत कक्ष को आदेश दिया कि आगे से इस प्रांत के आदमी को कमरा न दिया जाए। इस प्रकार व्यक्ति के गलत आचरण ने पूरे देश को अपमानित किया।
2(क)
"मुझे बहुतों की अपने लिए जरूरत पड़ती थी। मैं भी बहुतों की जरूरत का उनके लिए जवाब था।" — प्रातः काल से लेकर रात्रि तक आप अपने किन-किन कार्यों में किस-किसका क्या सहयोग लेते हैं और आप दूसरों को किस तरह का सहयोग देते हैं? अपने अनुभव लिखिए।
उत्तर:
सुबह से लेकर रात तक मैं अनेक लोगों का सहयोग लेता हूँ। मेरी माँ मुझे उठाती है। मेरे लिए भोजन बनाती है। पिताजी मुझे विद्यालय छोड़ते हैं। बस का ड्राइवर मुझे बस से विद्यालय लेकर जाता है। रास्ते में खड़े ट्रैफिक पुलिस वाले हमें रास्ता देते हैं। विद्यालय का चौकीदार, अध्यापक, दूध वाला, कपड़े प्रेस करने वाला न जाने किस-किसका योगदान मुझे मिलता है।जहाँ तक मेरी बात है, मैं बस के ठीक समय पर चलने में, स्कूल का अनुशासन बनाने में पूरा सहयोग देता हूँ। कभी मेरा कोई मित्र बीमार हो जाता है। मैं उसे विद्यालय का गृह कार्य भेजता हूँ। हर जरूरत में काम आता हूँ। माँ जो कहती हैं, वह कार्य करता हूँ। दूध लाना, प्रेस के कपड़े दे आना मेरा काम है। मैं ये काम करता हूँ।
2(ख)
उपर्युक्त वाक्य में रेखांकित शब्द 'बहुतों' में कौन-कौन सम्मिलित होंगे, अनुमान के आधार पर लिखिए।
उत्तर:
बहुतों में निम्नलिखित लोग शामिल हैं- मेरे माता-पिता, भाई-बहन, घर का नौकर, दूध वाला, प्रेस वाला, चौकीदार, ड्राइवर, अध्यापक, मित्र-साथी, दुकानदार, माली, क्लर्क, आया, डॉक्टर आदि सब लोग।
2(ग)
रचनाकार को स्वयं के लिए दूसरे लोगों से किस प्रकार के सहयोग की आवश्यकता पड़ती होगी और वह दूसरों को किस प्रकार का सहयोग देता होगा, अनुमान के आधार पर लिखिए।
उत्तर:
रचनाकार को अपने पाठकों, श्रोताओं, प्रशंसकों और आलोचकों के सहयोग की आवश्यकता पड़ती है। कागज-पेन, लेखन सामग्री, छापने वाले प्रकाशक, वितरक आदि सबकी जरूरत पड़ती है। सबसे अधिक सहयोग चाहिए पाठक या श्रोता का। लेखक पाठकों और श्रोताओं के लिए लिखता है। यदि वे न पढ़ें और न सराहें; आलोचक उस रचना पर अपनी राय न दें तो लेखक का लिखना बेकार हो जाता है।रचनाकार लोगों के लिए लिखता है। यदि कार्यक्रम देशभक्ति का है तो उसे देशभक्ति का भाव पैदा करना होता है। लोगों के मन में देशभक्ति जगानी होती है। रचनाकार पीड़ितों, वंचितों और जरूरतमंदों के लिए रचना लिखकर उनके काम आता है। उनका मनोरंजन करता है और उनकी आवाज़ बनता है।
3(क)
"सुना नहीं आपने कि जीवन एक युद्ध है और युद्ध में लड़ना ही तो काम नहीं होता।" — रेखांकित अंश "युद्ध में लड़ना ही तो काम नहीं होता" के आधार पर लिखिए कि देश की प्रगति, विकास एवं सुरक्षा के प्रति हम सभी के क्या-क्या दायित्व हैं? अपने उत्तर को विस्तार देने के लिए अपने घर या पास-पड़ोस के बड़ों और अध्यापक से चर्चा करके लिखिए।
उत्तर:
युद्ध में लड़ना ही एकमात्र काम नहीं होता। अन्य अनेक काम भी होते हैं, जिन्हें हर कोई आसानी से कर सकता है।पहला काम – वह देश की सरकार द्वारा बनाए गए सभी नियमों का पालन करके व्यवस्था में सहयोग दे सकता है। वह अपनी सड़कें, गलियाँ, गाड़ियाँ, बसें साफ रख सकता है। वह युद्ध लड़ने वाले सैनिकों को सम्मान देकर उनका उत्साह बढ़ा सकता है। वह देश की जय बोलकर देश का मनोबल बढ़ा सकता है। वह जरूरत पड़ने पर एन.सी.सी., स्काउट में भाग लेकर देश की सुरक्षा-पंक्ति के लिए तैयार हो सकता है। वह सैनिकों की सेवा में जुट सकता है। युद्ध के समय ट्रैफिक सँभालने से लेकर सैनिकों को भोजन-सामान पहुँचाकर सहयोग दे सकता है।
3(ख)
अपने पास-पड़ोस में विचरने वाले पशु-पक्षियों की जीवनचर्या का अवलोकन कीजिए और अपने अवलोकन के आधार पर लिखिए कि आप उनके संघर्षों को किस रूप में देखते हैं?(संकेत – आप अपनी पाठ्यपुस्तक में दी गई कहानी 'दो बैलों की कथा' के मुख्य पात्रों के अनुभवों को भी आधार बना सकते हैं।)
उत्तर:
हमारी तुलना में पशु-पक्षियों और अन्य जीवों का संघर्ष बहुत अधिक होता है। उनके पास कोई नौकर-चाकर, मोबाइल फोन, कार-ट्रक नहीं होता। उन्हें रोटी के लिए रोज संघर्ष करना पड़ता है। गाय-बैल तो फिर भी पालतू जीव हैं। इनके मालिक इनके लिए चारे और पानी का प्रबंध करते हैं, किंतु पक्षी तो बिल्कुल अकेले होते हैं। उन्हें पानी और दूध की सप्लाई घर पर नहीं मिलती, न ही सुंदर शौचालय बने होते हैं। सारे प्रबंध उन्हें खुद करने पड़ते हैं। वे जिस भी खेत का चारा खाते हैं, वही उन्हें पकड़कर काँजीहाउस जैसे कैदखानों में डाल देते हैं। हम आदमी पग-पग पर उनके लिए संकट खड़े करते हैं। उनके घोंसले तोड़ डालते हैं। उनके शहद के छत्ते तोड़कर शहद पी जाते हैं। भगवान ने गाय-भैंस को अपने बछड़ों के लिए दूध दिया होता है, हम उसे भी खुद पी जाते हैं। सचमुच पशु-पक्षी और जानवरों का जीवन बहुत अधिक संघर्ष का होता है।
3(ग)
इस निबंध में जीवन को युद्ध क्यों कहा गया है? आप अपने घर के बड़ों से इस विषय पर चर्चा करके उनके और अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
इस निबंध में जीवन को युद्ध ठीक कहा गया है। युद्ध का अर्थ है – अपनी जरूरतों के लिए कड़ा संघर्ष करना, परिश्रम करना, टकराना और पसीने-पसीने होकर भोजन तथा सुख का प्रबंध करना। कोई व्यक्ति संघर्षों से अछूता नहीं है। यहाँ तक कि राजा-महाराजा भी संघर्ष का जीवन जीते हैं। उन पर अपना ही नहीं, अपनी पूरी प्रजा का, अपनी जनता का, अपनी सीमाओं का तथा जरूरतों का दायित्व होता है। उस सबके लिए संघर्ष करना पड़ता है। युद्ध के समय में पेट्रोल आना बंद हो गया तो सबसे बड़ा संघर्ष देश के प्रधानमंत्री और सरकार को करना पड़ा। माँगने वाले माँग छीनकर संघर्ष करते हैं तो देने वाला उनके लिए साधन जुटाता है। वह अपनी नींद गँवाकर सारे प्रबंध करता है।जो व्यक्ति फुटपाथ या झुग्गी-झोंपड़ियों में पैदा होते हैं, उनका जन्म लेना भी एक संघर्ष है। कभी जून की तपती दोपहर, कभी वर्षा, कभी बाढ़, कभी ठंड, कभी पुलिस के डंडे- उनके संघर्ष को वही जानते हैं। पशु-पक्षियों के संघर्ष की कहानी तो आप जानते ही हैं। देखिए, साँड़ और आवारा बैल, कुत्ते और बिल्लियाँ किस प्रकार जीवन जीने के युद्ध को रोज जीते हैं।
3(घ)
देश की भौगोलिक सीमाओं की रक्षा सैनिक करते हैं। इसी तरह हमारे आस-पास हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए अनेक लोग कार्यरत हैं। ये कौन-कौन लोग हैं और उनके लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं?
उत्तर:
हमारे जीवन को सुंदर बनाने के लिए अनेक प्रकार के लोग हमारी सेवा में जुटे रहते हैं। कुछ व्यक्ति और उनके काम ये हैं- शिक्षक – हमें पढ़ाते हैं। डॉक्टर – हमारे स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं। दुकानदार – हमें हर सामान उपलब्ध करवाते हैं। ठेली वाले – घूम-घूमकर जरूरत का सामान बेचते हैं। मोची – हमारे लिए जूते बनाते हैं। किसान – अन्न, भोजन और कपास उगाते हैं। दूधिया – गाय पालकर हमें दूध पिलाते हैं। वाहन चालक – हमें एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते हैं। कलाकार – हमारा मनोरंजन करते हैं। होटल – हमारे घूमने-फिरने और रहने का प्रबंध करते हैं। संत-मुनि – हमें मार्गदर्शन देते हैं। पुजारी/मौलवी – हमें धर्म की राह दिखाते हैं। नेता – हमारे देश को आगे ले जाने के लिए जी-जान लगाते हैं।हम इन सबके लिए जरूरत के अनुसार उनका सहयोग कर सकते हैं। सबको उचित ग्राहक या जरूरतमंद की जरूरत होती है। हम जरूरतमंद को ठीक व्यक्ति के पास भेजकर दोनों का सहयोग कर सकते हैं।
4(क)
"अपने पड़ोस में खेलकर, पड़ोसियों की ममता-दुलार पा, बड़ा हुआ था।" — इस पंक्ति के आधार पर लिखिए कि पास-पड़ोस के लोगों में किस तरह के पारस्परिक संबंध रहे होंगे?
उत्तर:
अपने आस-पड़ोस में खेलना और उनका प्यार पाना तभी संभव है जबकि हमारे अपने पड़ोसियों से मधुर संबंध हों। यदि कोई पड़ोसी हमें अपने घर न आने दे, अपनी छत पर न चढ़ने दे, हमें प्यास लगने पर पानी भी न दे, हमेशा डाँट-डपटकर बात करे तो पड़ोस में खेला ही नहीं जा सकता। अतः यह स्पष्ट है कि लेखक के अपने आस-पड़ोस के लोगों से मधुर संबंध ही होंगे। वरना उनकी ममता या दुलार न मिलता।
4(ख)
वर्तमान समय में ऐसे संबंधों में किस तरह के परिवर्तन आए हैं और इनके क्या कारण हो सकते हैं? लिखिए।
उत्तर:
वर्तमान समय बहुत कठिन है। आज हर व्यक्ति अकेला हो गया है। कोई किसी का सहयोग नहीं करता। पड़ोस में रहने वाले बच्चों को दूर रखा जाता है।कारण – आज हर व्यक्ति अपने तथा अपने बच्चों के बारे में ही सोचता है। वह आस-पड़ोस को पराया मानता है। निजी स्वार्थ की आँधी ने आजकल सभी को अकेला और भयभीत बना दिया है।
5
"क्या सुरुचि और सौंदर्य को आपके किसी काम से ठेस लगती है?" अपने घर/विद्यालय के आस-पास, सार्वजनिक संसाधनों और ऐतिहासिक महत्व के स्थानों की स्वच्छता एवं सौंदर्य को बनाए रखने के लिए आप और आपके सहपाठी, संबंधी क्या-क्या करते हैं?
उत्तर:
सुरुचि और सौंदर्य के लिए चाहिए नियम, स्वच्छता, सुंदरता और अनुशासन। यदि लोग इधर-उधर कूड़ा फैलाते हैं। केला खाकर छिलका वहीं फेंक देते हैं। कागज़ यूँ ही बिखरा देते हैं। फर्नीचर को तोड़ देते हैं। स्टूल-बेंच उलट-पलट देते हैं। कमरे के पंखे टेढ़े कर देते हैं। शौचालय के स्लैब तोड़ देते हैं तो वह स्थान गंदा और कुरुचिपूर्ण हो जाता है। वहाँ कोई नहीं जाना चाहता। बस अड्डों के शौचालय कैसे बदबू से भरे होते हैं।मैं हमेशा सुरुचि का ध्यान रखता हूँ। मेरे मित्र भी अच्छे घरों से हैं। वे हमेशा कूड़ेदान में कूड़ा डालते हैं। यहाँ तक कि दिन-भर टॉफी के रैपर अपनी जेब में रखते हैं ताकि उन्हें कूड़ेदान में ही डाला जाए।
6
"मैं कोई ऐसा काम न करूँ जिससे मेरे देश की स्वतंत्रता को, दूसरे शब्दों में, उसके सम्मान को धक्का पहुँचे।" देश के सम्मान को धक्का न पहुँचे, इसके लिए क्या करें और क्या नहीं करें? अपने-अपने समूह में इसकी चर्चा कीजिए और चर्चा से उभरे बिंदुओं को प्रातःकालीन सभा में पढ़कर सुनाइए।
उत्तर:
चर्चा करने पर निम्नलिखित व्यवहार ध्यान में आए। हम इसे अपनी प्रातःकालीन सभा में सुनाएँगे।क्या करें-
हमेशा हर जगह समय पर पहुँचें। अपने देश और समाज की बुराई न करें, उसकी प्रशंसा करें। फूल न तोड़ें। पुस्तकालय में शांति से पढ़ें। पुस्तकालय की किसी पुस्तक का पन्ना न फाड़ें। अपने से बड़ों-गुरुजनों, नेताओं और अधिकारियों का सम्मान करें।क्या न करें-
अपशब्दों का प्रयोग न करें। देश की निंदा न करें। कूड़ा न फैलाएँ। कूड़े के लिए कूड़ेदान का उपयोग करें। कोई देश विरोधी काम न करें। धर्म, जाति या लड़का-लड़की का भेदभाव न करें। लड़कियों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार करें।
मेरे प्रश्न(3 questions)
(क)
"ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में एक अपूर्व आनंद आता है" — रचनाकार को किस तरह के प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद आता है?
उत्तर:
रचनाकार को उन प्रश्नों के उत्तर देने में आनंद आता है जिनमें कोई रहस्य या विस्तार छिपा हो। उस छिपे हुए भाव या विस्तार को खोलकर समझाने में ही रचनाकार को आनंद मिलता है।
(ख)
आपको किस तरह के प्रश्नों को बूझना रोचक लगता है?
उत्तर:
मुझे उन प्रश्नों को बूझना रोचक लगता है जिनमें कुछ रहस्य छिपा हो। जिनका उत्तर देने में अपने विचार और तर्क सामने रखने पड़ें। ऐसे प्रश्नों को बूझना मनोरंजक और ज्ञानवर्धक दोनों होता है।
3
अब इस निबंध के आलोक में नीचे दी गई सामग्री को पढ़कर तीन प्रश्न बनाइए और लिखिए।"यह सोचना एकदम निराधार है कि केवल संपन्न व्यक्ति ही देश की प्रगति और विकास में योगदान दे सकते हैं। देश की सुरक्षा का विषय हो अथवा ऐश्वर्य व संपन्नता का, सभी नागरिकों का अपनी ही तरह से योगदान होता है। हम सब नागरिक अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम यदि कुछ भी गलत करते हैं तो उससे अपनी छवि ही धूमिल नहीं होती अपितु अपने देश की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।"
उत्तर:
मुझे इन प्रश्नों को बूझना बहुत रोचक लगता है-मैं तो गरीब मज़दूर हूँ। मेरे पास रहने को अँधेरी झोंपड़ी है। मैं भला देश की प्रगति में क्या योगदान दे सकता हूँ?मैं वकील हूँ। मेरा काम है न्याय दिलवाना। अगर कोई अपराधी मुझे अपना केस लड़ने के लिए कहे तो मैं क्या करूँ?मैं तो नौवीं कक्षा का छात्र हूँ। मैं पढ़ाई करूँ या देश-सेवा?
विधा से संवाद(3 questions)
1
'निबंध' का शाब्दिक अर्थ है- 'बाँधना' (नि+बंध)। अर्थात भली-भाँति बँधा या गठा हुआ। यह गद्य की वह विधा है जिसमें रचनाकार किसी विषय पर अपने अनुभव, विचार, दृष्टिकोण और भावनाओं को तार्किक, भावनात्मक, क्रमबद्ध और साहित्यिक रूप से प्रस्तुत करते हैं।एक विधा के रूप में निबंध की कुछ विशेषताओं को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है- वैयक्तिकता/निजता, विचार प्रधानता एवं भावनात्मकता, सजीवता/चित्रात्मकता, तार्किकता, प्रेरणात्मकता, संक्षिप्तता/स्पष्टता, साहित्यिक सौंदर्य, विषय-केंद्रीयता।उपर्युक्त बिंदुओं से संबंधित संदर्भ 'मैं और मेरा देश' निबंध से खोजकर लिखिए।
उत्तर:
वैयक्तिकता/निजता – लेखक का निजी व्यक्तित्व, निजी रुचि-अरुचि – "मैं अपने घर में जन्मा था। पला था।"विचार प्रधानता एवं भावनात्मकता – "तब मुझे सोचना पड़ा कि अपने घर, अपने पड़ोस, अपने नगर की सीमाओं में ममता, सहारा, ज्ञान और आनंद के उपहार पाकर भी मेरी स्थिति एकदम हीन है और हीन भी इतनी कि मेरा कहीं भी कोई अपमान कर सकता है।"सजीवता/चित्रात्मकता – "आप कभी केला खाकर छिलका रास्ते में फेंक देते हैं, अपने घर का कूड़ा बाहर फेंकते हैं, मुँह से गंदे शब्दों में गंदे भाव प्रकट करते हैं।"तार्किकता – "यह मेरा कर्तव्य है और जैसे मैं अपने सम्मान और साधनों से अपने जीवन में सहारा पाता हूँ, वैसे ही देश के सम्मान और साधनों से भी सहारा पाऊँ, यह मेरा अधिकार है। बात यह है कि मैं और मेरा देश दो अलग चीजें तो हैं ही नहीं।"प्रेरणात्मकता – "हर एक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह जब भी कोई चुनाव हो, ठीक मनुष्य को अपना मत दें और मेरा अधिकार है कि मेरा मत लिए बिना कोई भी आदमी वह संसार का सर्वश्रेष्ठ महापुरुष ही क्यों न हो, किसी अधिकार की कुरसी पर न बैठ सके।"संक्षिप्तता/स्पष्टता – "उच्चता और हीनता की कसौटी है- चुनाव। युद्ध में जय बोलने वालों का भी बहुत महत्व है।"साहित्यिक सौंदर्य – "मानस में भूकंप उठा था। हाँ जी, मानस में ही भूकंप उठा था और भूकंप में कोई धरती थोड़ी ही हिली थी, आकाश थोड़े ही काँपा था, एक तेजस्वी पुरुष का अनुभव ही वह भूकंप था, जिसने मुझे हिला दिया।"विषय-केंद्रीयता – "यह दीवार थी मानसिक विचारों की; इसलिए यह भूकंप भी किसी प्रांत या देश में नहीं उठा, मेरे मानस में ही उठा था।"
2
"क्या कोई भूकंप आया था, जिससे दीवार में दरार पड़ गई? ... ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में एक अपूर्व आनंद आता है।"निबंध के उपर्युक्त अंश को ध्यान से देखिए। इसकी पहली पंक्ति में एक प्रश्न है और बाद के अंश में उसका उत्तर दिया गया है। आपने ध्यान दिया होगा कि यह पूरा निबंध इसी तरह की प्रश्नोत्तर शैली में लिखा गया है। यह प्रश्नोत्तर या संवादात्मक शैली इस निबंध की संरचना को विशेष बनाती है। इसी तरह की और भी अन्य विशेषताएँ इस निबंध में से छाँटकर लिखिए।
उत्तर:
निबंध की कुछ अन्य विशेषताएँ-विवेचन शैली – लेखक किसी विषय की तर्कपूर्ण विवेचना करता है, जैसे- "उच्चता और हीनता की कसौटी है- चुनाव।"चित्रण शैली – लेखक घटनाओं और दृश्यों का सजीव चित्र प्रस्तुत करता है, जैसे- "आप कभी केला खाकर छिलका रास्ते में फेंक देते हैं..."उपदेश शैली/प्रेरणादायकता – "हर एक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह जब भी कोई चुनाव हो, ठीक मनुष्य को अपना मत दें।"
3
नीचे कुछ विषय दिए गए हैं, आप इनमें से किन विषयों पर निबंध लिखना चाहेंगे, कारण सहित लिखिए-• मेरा भारत मेरा गौरव • चाँद के साथ गपशप • जहाँ न पहुँचे रवि वहाँ पहुँचे कवि • गागर में सागर • यथा नाम तथा गुण • दूध का दूध और पानी का पानी
उत्तर:
मैं 'मेरा भारत मेरा गौरव' पर निबंध लिखना चाहूँगा।कारण – मैं जिम्मेदार भारतीय हूँ। मैं अपने देश का सम्मान करता हूँ। चाहता हूँ कि अन्य देशवासी भी देश-गौरव से ओत-प्रोत हों। मैं उनके सामने भारत के गौरवशाली इतिहास के पन्ने खोलना चाहता हूँ। मैं उनके सामने गणित, ज्योतिष, कला, विज्ञान, साहित्य, सौंदर्य और धर्म के क्षेत्र में भारत की उच्चता दिखाना चाहता हूँ। मेरे पास इन सबका प्रामाणिक ज्ञान है। मैं निबंध के माध्यम से वह भाव पाठकों तक पहुँचाना चाहता हूँ।
विषयों से संवाद — चुनाव एवं आपके अनुभव(4 questions)
1
जब कोई चुनाव प्रक्रिया आपके क्षेत्र में शुरू होती है तो किस तरह की गतिविधियाँ होती हैं?
उत्तर:
चुनाव प्रक्रिया शुरू होते ही सबसे पहले मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है। अलग-अलग नेता चुनाव हेतु अपने नाम प्रस्तावित करते हैं। वे जन-सभाएँ करते हैं तथा अपना नामांकन करवाते हैं। फिर चुनाव प्रचार होता है। प्रत्याशी अपना लक्ष्य बताते हैं। वे घर-घर जाते हैं, रैलियाँ करते हैं। चुनाव वाले दिन सभी मतदाता अपना मतदान करते हैं। एक या दो दिन बाद मतगणना होती है। विजयी उम्मीदवार की घोषणा की जाती है।
2
"जब भी कोई चुनाव हो, ठीक मनुष्य को अपना मत दें", आपके विचार से एक अच्छे उम्मीदवार में क्या-क्या गुण होने चाहिए?
उत्तर:
अच्छा उम्मीदवार समझदार, संवेदनशील, लोकप्रिय, शक्तिशाली, निडर, संघर्षशील तथा दायित्ववान होना चाहिए। वह विश्वास के योग्य होना चाहिए। वह जो कहे, उसे पूरा करें।
3
चुनाव से जुड़ा अपना कोई अनुभव लिखिए।(संकेत – विद्यालय में कक्षा प्रतिनिधि का चुनाव)
उत्तर:
कक्षा-प्रतिनिधि का चुनाव था। दो विद्यार्थी प्रधान पद के लिए खड़े हुए। एक पहलवान था। उसका दबदबा था। दूसरा बहुत मेधावी था और कुछ बदलाव करना चाहता था। अधिकतर बच्चे पहलवान के साथ हो गए। कुछ डरते थे। कुछ को पहलवान ने मुफ्त में खिलाया-पिलाया। शाम को पार्टी की। मेधावी छात्र के पास पैसे कम थे। वह बात समझदारी की करता था। जिसके पास जाता, सभी उससे प्यार से बात करते थे। उसके साथ लोग कम चलते थे। वह लगभग अकेला ही घूमता था।चुनाव हुआ। जनमत जन के पक्ष में गया। जिसके पास मित्र और साथी अधिक थे, वह जीत गया। मेधावी छात्र सिर झुकाए निराश हो गया। उसे समझ आया- चुनाव के लिए लोगों से जुड़ना पहला धर्म है, अच्छा बुरा होना बाद की बात है।
4
यदि आप किसी सभा, क्लब आदि के चुनाव में उम्मीदवार हों तो आपके क्या-क्या मुद्दे होंगे?
उत्तर:
यदि मैं किसी साहित्यिक सभा का उम्मीदवार बना तो मेरे मुद्दे होंगे-हर छात्र को अवसर देना। साहित्यिक कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाना। साहित्यिक प्रतिभाओं को तलाशना और उन्हें मंच देना। विद्यालय की पत्रिका छपवाना।
अधिकार और कर्तव्य(1 questions)
1
इस निबंध में किसी भी स्वतंत्र देश में नागरिक के अधिकार और उसके कर्तव्य की बात की गई है। आपकी पाठ्यपुस्तक के प्रारंभिक पृष्ठ पर भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकार और कर्तव्य दिए गए हैं। उसे पढ़कर अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर:
कक्षा में चर्चा कीजिए। भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों (समता, स्वतंत्रता, शोषण के विरुद्ध, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक अधिकार, संवैधानिक उपचार) और मौलिक कर्तव्यों पर चर्चा कर विद्यार्थी अपने विचार लिखें।
सृजन — हमारा पुस्तकालय(1 questions)
1
आप अपने विद्यालय एवं सार्वजनिक पुस्तकालय में जाते हैं। हो सकता है, आपको कभी कोई पुस्तक फटी हुई मिली हो या उसमें से कुछ पृष्ठ गायब हों अथवा उसमें पेन से निशान लगे हों-• ऐसा होने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं? • ऐसा न हो, इसके लिए क्या किया जा सकता है? • आप पुस्तकालय में किन नियमों का पालन करते हैं, उन नियमों का पालन करना क्यों अनिवार्य है?इस पर अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए और लिखिए।
उत्तर:
• पुस्तकालय की पुस्तक तभी गंदी या कटी-फटी हो सकती है, जब किसी नालायक विद्यार्थी ने उस पर निशान लगाए हों या उसमें से कुछ पन्ने फाड़ लिए हों। दूसरा कारण है पुस्तकालय अध्यक्ष की गैर-जिम्मेदारी। उसने पुस्तक लेते और देते समय ध्यान नहीं दिया।• ऐसी बात से बचने के लिए पुस्तकालय अध्यक्ष पर जिम्मेदारी डालनी चाहिए। दोषी विद्यार्थी को समझाना चाहिए तथा दंडित भी करना चाहिए।• मैं पुस्तकालय में अनुशासन से जाता हूँ। वहाँ शांत रहकर पुस्तक पढ़ता हूँ। जहाँ से पुस्तक लेता हूँ, वहीं रखता हूँ। कभी शोर नहीं मचाता, बातें नहीं करता।नियम बनाया जाए – जो भी विद्यार्थी बात करे, उसे समझाया जाए। प्राचार्य के सामने पेश किया जाए। न माने तो आर्थिक दंड लगाना चाहिए।
सृजन — ब्रेल लिपि में पुस्तकें(1 questions)
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आपके विद्यालय में रोचक पुस्तकों का भंडार है परंतु आपके 'दृष्टिबाधित' सहपाठी स्वयं पढ़कर इनका आनंद नहीं उठा पाते हैं। प्रधानाध्यापक को ब्रेल लिपि में पुस्तकें मँगवाने के संदर्भ में पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
प्राचार्य महोदय
डी.ए.वी. स्कूल, चंडीगढ़विषय – ब्रेल लिपि में पुस्तकों की व्यवस्थामहोदय!मैं सौरभ, कक्षा 9 बी का छात्र हूँ। मेरा एक मित्र सुनील दृष्टिबाधित है। वह कक्षा में ध्यान से सुनता है, किंतु बोर्ड पर लिखा हुआ देख नहीं सकता। उसके पास घर में या विद्यालय में ऐसी पुस्तकें भी नहीं हैं, जिनसे वह पढ़ाई कर सके।महोदय! आजकल ब्रेल लिपि में पुस्तकें उपलब्ध हैं। मेरा आपसे निवेदन है कि ब्रेल लिपि में कुछ जरूरी-जरूरी पुस्तकें पुस्तकालय में अवश्य मँगवाएँ। यह दृष्टिबाधित विद्यार्थियों का अधिकार है।आपसे निवेदन है कि इनकी व्यवस्था यथाशीघ्र कराने की कृपा करें।भवदीय
सौरभ, कक्षा 9 बी
डी.ए.वी. स्कूल, चंडीगढ़
दिनांक: 13.04.2027
सृजन — कृतज्ञता ज्ञापन(1 questions)
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"अपने महान राष्ट्र की पराधीनता के दीन दिनों में जिन लोगों ने अपने रक्त से गौरव के दीप जलाए..."देश के विकास में सभी का सहयोग होता है जो सीमा पर तैनात हैं और जो देश के भीतर हैं; जैसे- अध्यापक, किसान, श्रमिक, कलाकार, वैज्ञानिक, अभियंता आदि। इन सभी के अमूल्य योगदान के लिए कृतज्ञता ज्ञापन तैयार करके लिखिए।
उत्तर:
अध्यापक – आप राष्ट्र-निर्माता हैं। आपने अपने तन-मन-वाणी से देश की बाल और युवा पीढ़ी को जीवन जीने की दिशा दी। आप राष्ट्र की नींव हैं। ये बच्चे आपके ही दिखाए हुए रास्ते पर चलेंगे। पूरा राष्ट्र आपके प्रति कृतज्ञ है। ईश्वर आपके यश और मान में वृद्धि करे!किसान – हे अन्नदाता! आपके परिश्रम और पसीने से देश की फसलें लहलहाती हैं। आपके परिश्रम से ही देशवासियों का पेट भरता है। पूरा राष्ट्र आपकी इस सेवा-साधना के प्रति कृतज्ञ है। भगवान आपको सुखी जीवन एवं दीर्घायु दे!श्रमिक – हे नींव के पत्थर! आपके श्रम-परिश्रम ने ही गगनचुंबी महल खड़े किए हैं। आपके पसीने से ही खेतों में फसलें लहलहाई हैं और बड़े-बड़े बाँध तथा राजमार्ग बनाए हैं। आप इस चकाचौंध भरी सभ्यता की नींव के पत्थर हैं। सारी सभ्यता आपकी पीठ पर खड़ी है। कृतज्ञ राष्ट्र आपको प्रणाम करता है।
सृजन — विज्ञापन(1 questions)
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"ठीक मनुष्य को अपना मत दें।" — उपर्युक्त पंक्ति में चुनाव में योग्य उम्मीदवार को चुनने का संदेश दिया गया है। आप भी चुनाव में योग्य उम्मीदवार को चुनने के लिए एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए।
उत्तर:
चुनाव में ठीक मनुष्य को अपना मत दें!अपना एक वोट, देश का सही भविष्य!
✓ योग्य उम्मीदवार को पहचानिए – उसका चरित्र, कार्य और वादे देखिए
✓ अफवाहों और रिश्वत से दूर रहिए
✓ जो कहे, वही करे – ऐसे ही उम्मीदवार को अपना मत देंयाद रखिए – मेरा वोट, मेरा अधिकार, मेरे देश का गौरव!
सृजन — स्वच्छता और आचरण(1 questions)
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"क्या आप कभी केला खाकर छिलका रास्ते में फेंकते हैं..." — निबंध के इस अंश को पुनः पढ़िए। इस प्रकार के और कौन-कौन से आचरण हो सकते हैं जिनसे देश के सौंदर्य को आघात लगता है? इस विषय पर अपने अभिभावकों, सहपाठियों और शिक्षकों के साथ चर्चा कीजिए।(संकेत – ऐतिहासिक या सार्वजनिक स्थानों पर अपना नाम आदि लिखना।)
उत्तर:
ऐसे अशोभनीय कार्य कई हो सकते हैं। उनमें से कुछ निम्न हैं-सार्वजनिक स्थानों पर अपना नाम या गंदी भाषा लिखना। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाना। कहीं भी मल-मूत्र त्याग कर देना। सार्वजनिक संपत्ति को हानि पहुँचाना, फर्नीचर तोड़ना आदि।
भाषा से संवाद — संदर्भ में शब्द(1 questions)
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नीचे लिखे वाक्यों पर ध्यान दीजिए-• एक दिन आनंद की इस दीवार में दरार पड़ गई। • क्या कोई भूकंप आया था, जिससे दीवार में दरार पड़ गई।दीवार में पैदा हुई चटक/तरेड़/फाँक/टूटन के लिए 'दरार' शब्द का प्रयोग करते हैं। इस शब्द का प्रयोग संबंधों और सामाजिक एकता के लिए भी किया जाता है। इसी प्रकार 'गाँठ' और 'पानी' शब्द भी संदर्भ के अनुसार भिन्न-भिन्न अर्थ देते हैं।अब अपनी पाठ्यपुस्तक में से ऐसे अन्य शब्द छाँटकर लिखिए जो संदर्भ के अनुसार भिन्न-भिन्न अर्थ देते हों।
उत्तर:
इस पाठ में 'खेल', 'घूम', 'सेवा', 'खड़ा', 'फैला', 'अर्थ' जैसे अनेक शब्द हैं जो रंग बदलते हैं।उदाहरणतया-तुम कौन-सा खेल खेलते हो?
मैं समझ गया तुम मेरे साथ वही खेल खेल रहे हो।
मैं खेल-खेल में तुम्हारी नीयत जान गया था।
मैंने उसका खेल खत्म कर दिया।
यह सब भाग्य का खेल है।
भाषा से संवाद — शब्द-युग्म(1 questions)
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"अपने पड़ोस में खेलकर, पड़ोसियों की ममता-दुलार पा, बड़ा हुआ था।""इस तरह एक मनुष्य से भरा-पूरा नगर बनकर मैं खड़ा हुआ था।"पहले वाक्य में 'ममता-दुलार' और दूसरे वाक्य में 'भरा-पूरा' शब्द मिलता-जुलता भाव दे रहे हैं। ये शब्द-युग्म हैं।आप इस निबंध में से मिलते-जुलते अर्थ वाले और पुनरुक्त (एक ही शब्द को फिर से कहना) शब्द-युग्म छाँटकर लिखिए।
उत्तर:
शब्द-युग्म – ममता-दुलार, घूम-फिर, भरा-पूरा, दया-प्रार्थना, मेला-ठेला, पास-पड़ोस, दाल-रोटी, हीरे-मोती, मोटर-बस, होटलों-धर्मशालाओं।पुनरुक्त शब्द – पूरा-पूरा, बड़ी-बड़ी, खील-खील, छोटी-छोटी, बड़े-बड़े।
भाषा से संवाद — शब्दों की कड़ियाँ / श्रृंखला(1 questions)
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"मैं सोचा करता था कि मेरी मनुष्यता में अब कोई अपूर्णता नहीं रही।"उपर्युक्त वाक्य के रेखांकित शब्द 'अपूर्णता' में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों का ही प्रयोग चिह्नित किया गया है। इस प्रयोग को समझकर नीचे दिए गए शब्दों में उपसर्ग और प्रत्यय शब्द पहचानकर लिखिए- अलौकिक, निरक्षरता, सम्मानित, अनावश्यक, अपमानित, अभिमानी(आपकी पाठ्यपुस्तक के 'क्या लिखूँ ?' पाठ में भी उपसर्ग और प्रत्यय के प्रयोग के विषय में जानकारी दी गई है।)
उत्तर:
शब्द | उपसर्ग | मूल शब्द | प्रत्यय
अलौकिक | अ | लोक | इक
निरक्षरता | निर् | अक्षर | ता
सम्मानित | सम् | मान | इत
अनावश्यक | अन | अवश्य | क
अपमानित | अप | मान | इत
अभिमानी | अभि | मान | ई
गतिविधियाँ(1 questions)
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'देश मात्र एक भौगोलिक सीमा क्षेत्र नहीं है।' — इस विषय पर परिचर्चा का आयोजन कीजिए और परिचर्चा में उभरकर आए बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार कीजिए। रिपोर्ट को पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण या चार्ट के माध्यम से कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
छात्र अपने साथियों की सहायता से करें। 'देश मात्र एक भौगोलिक सीमा क्षेत्र नहीं है' — इस विषय पर परिचर्चा में उभरे बिंदुओं (देश का सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व; नागरिक के कर्तव्य) की रिपोर्ट तैयार कर पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण या चार्ट के माध्यम से कक्षा में प्रस्तुत करें।