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Class 9 · HindiNCERT 2026 Revised Syllabus

Chapter 11: झाँसी की रानी (0901CH11)

R1 and R2 book- Ganga

सुभद्रा कुमारी चौहान की कथात्मक वीर-कविता — रानी लक्ष्मीबाई के बचपन से लेकर 1857 की क्रांति में वीरगति तक की गौरवमयी कथा।

Chapter code: 0901ch11 · Book: R1 and R2 book- Ganga · Class 9 Hindi

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रचना से संवाद — मेरे उत्तर मेरे तर्क(5 questions)

1

'झाँसी की रानी' कविता की पंक्ति "बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी" में 'नई जवानी' शब्द किस भाव को व्यक्त करता है? (क) देश का स्वाभिमान (ख) विद्रोह की चिंगारी (ग) स्वाधीनता का भय (घ) भारत की युवावस्था

उत्तर:
(ख) विद्रोह की चिंगारी।क्यों – वर्षों की गुलामी के बाद भारतीयों के मन में अपनी आज़ादी को वापस पाने और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने का जो नया जोश पैदा हुआ था, उसे ही 'नई जवानी' कहा गया है।
2

लक्ष्मीबाई को 'छबीली' कहना उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता को दर्शाता है? (क) विनम्रता (ख) शोभायुक्त (ग) सहिष्णुता (घ) कठोरता

उत्तर:
(ख) शोभायुक्त।क्यों – 'छबीली' शब्द का अर्थ सुंदर या चंचल होता है, जो उनके बचपन के सुंदर और प्रभावशाली व्यक्तित्व को दर्शाता है।
3

"बुझा दीप झाँसी का" पंक्ति का भावार्थ है- (क) अंग्रेजों का झाँसी पर अधिकार हो जाना (ख) झाँसी राज्य की उम्मीदों का नष्ट हो जाना (ग) राजा की आकस्मिक मृत्यु होना (घ) रानी के जीवन में उदासी होना

उत्तर:
(ग) राजा की आकस्मिक मृत्यु होना।क्यों – झाँसी के राजा गंगाधर राव की मृत्यु के बाद झाँसी का उत्तराधिकारी कोई नहीं था, जिससे राज्य की सत्ता का 'दीप' बुझ गया।
4

"इस स्वतंत्रता-महायज्ञ में कई वीरवर आए काम" पंक्ति में स्वतंत्रता आंदोलन की किस ऐतिहासिक घटना की ओर संकेत किया गया है? (क) असहयोग आंदोलन (ख) भारत छोड़ो आंदोलन (ग) 1857 की क्रांति (घ) सविनय अवज्ञा आंदोलन

उत्तर:
(ग) 1857 की क्रांति।क्यों – यह पूरी कविता 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि पर आधारित है।
5

"व्यापारी बन दया चाहता था जब यह भारत आया" पंक्ति में 'यह' शब्द किसके लिए कहा गया है? (क) नवाबों के लिए (ख) जनरल डलहौजी के लिए (ग) लेफ्टिनेंट वॉकर के लिए (घ) ब्रिटिश राज के लिए

उत्तर:
(घ) ब्रिटिश राज के लिए।क्यों – अंग्रेज भारत में व्यापारी बनकर आए थे और बाद में यहाँ शासन करने लगे।

मेरी समझ मेरे विचार(5 questions)

1

'झाँसी की रानी' कविता के आधार पर बताइए कि लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल कौन-कौन से थे? उनका बचपन दूसरों से किस प्रकार भिन्न था?

उत्तर:
लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल नकली युद्ध करना, व्यूह की रचना करना, शिकार खेलना और दुश्मनों के किले तोड़ना आदि थे।दूसरों से भिन्न – जहाँ दूसरी लड़कियाँ गुड़ियों और खिलौनों से खेलती थीं, वहीं लक्ष्मीबाई के खिलौने बरछी, ढाल, कृपाण और कटारी जैसे हथियार थे।
2

"किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई" पंक्ति के माध्यम से किस घटना की ओर संकेत किया गया है?

उत्तर:
यह पंक्ति झाँसी के राजा गंगाधर राव की अचानक मृत्यु और रानी के विधवा होने की दुखद घटना की ओर संकेत करती है। इस घटना के बाद झाँसी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और अंग्रेजों को राज्य हड़पने का मौका मिल गया।
3

"महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी" पंक्ति समाज के विभिन्न वर्गों की एकता को दर्शाती है, इस एकता का स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में क्या महत्व है?

उत्तर:
"महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी" – पंक्ति का अर्थ है कि आजादी की लड़ाई में अमीर और गरीब दोनों ने मिलकर हिस्सा लिया। स्वतंत्रता संग्राम की सफलता के लिए समाज के हर वर्ग की यह एकता बहुत महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इसी एकजुटता ने अंग्रेजों की भारत में नींव हिला दी थी।
4

"सरे आम नीलाम छापते थे अंग्रेजों के अखबार" पंक्ति में 'नीलाम छापते' शब्द किसकी ओर संकेत करता है? यह भी बताइए कि किसकी नीलामी की जाती थी और क्यों?

उत्तर:
"नीलाम छापते" का अर्थ है- अखबारों में सरेआम नीलामी के विज्ञापन देना। अंग्रेजों द्वारा भारतीय राज्यों जैसे नागपुर और लखनऊ के कीमती गहनों, कपड़ों और पारिवारिक संपत्तियों की नीलामी की जाती थी। वे ऐसा भारतीय राजाओं को अपमानित करने और उनका धन लूटने के लिए करते थे।
5

"अभी उम्र कुल तेइस की थी, मनुज नहीं अवतारी थी" पंक्ति में 'अवतारी' शब्द व्यक्ति के विशेष गुणों की ओर इंगित कर रहा है। कविता के आधार पर बताइए कि लक्ष्मीबाई के किन गुणों के कारण उनको 'अवतारी' कहा गया है?

उत्तर:
लक्ष्मीबाई को 'अवतारी' इसलिए कहा गया है क्योंकि उनमें साधारण मनुष्यों से बढ़कर गुण थे। मात्र 23 वर्ष की उम्र में उन्होंने एक महान योद्धा की तरह वीरता दिखाई, हजारों शत्रुओं का सामना किया और देश की आज़ादी के लिए अपना बलिदान दे दिया। उनकी वीरता, साहस और त्याग के कारण उन्हें साक्षात माँ दुर्गा की अवतार माना गया है।

विधा से संवाद — कविता में कहानी(1 questions)

1

यह कविता लक्ष्मीबाई के जीवन की घटनाओं पर आधारित है और अपनी संरचना में एक कथात्मक कविता है। कथात्मक कविता ऐसी कविता को कहते हैं जिसमें कविता और कहानी के तत्व परस्पर जुड़े होते हैं तथा घटनाओं का एक क्रम होता है।पाठ की संरचना को समझते हुए इसमें वर्णित प्रमुख घटनाओं को समय-रेखा (टाइमलाइन) पर दर्शाएँ।(संकेत – लक्ष्मीबाई का बचपन, विवाह, अन्य घटनाएँ आदि।)

उत्तर:
लक्ष्मीबाई के जीवन की समय-रेखा-1. बचपन – नकली युद्ध, व्यूह-रचना, शिकार और किले तोड़ने के खेल। 2. कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन के रूप में प्रसिद्धि। 3. विवाह – झाँसी के राजा गंगाधर राव से विवाह। 4. राजा की मृत्यु – 'बुझा दीप झाँसी का'। 5. ब्रिटिश राज द्वारा झाँसी का राज्य हड़पना (लैप्स की नीति)। 6. 1857 की क्रांति – झाँसी की रानी का नेतृत्व में युद्ध। 7. कालपी से ग्वालियर तक संघर्ष। 8. वीरगति – स्वतंत्रता-महायज्ञ में बलिदान।विद्यार्थी इन घटनाओं को चित्रात्मक समय-रेखा पर अंकित करें।

विषयों से संवाद — साझा साथ / साझा संघर्ष(4 questions)

1

"लावारिस का वारिस बनकर ब्रिटिश राज्य झाँसी आया", ब्रिटिश राज किस नीति के कारण 'लावारिस का वारिस' बन जाता था? अपने इतिहास के शिक्षक से पता लगाकर उस नीति के विषय में लिखिए।

उत्तर:
ब्रिटिशों की एक नीति थी जिसे 'लैप्स की नीति' (हड़पने की नीति) कहते हैं। इस नीति के अनुसार, अगर किसी राजा का अपना सगा बेटा नहीं होता था, तो उसका राज्य अंग्रेज़ अपने कब्जे में ले लेते थे।झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के पति की मृत्यु के बाद उनका कोई सगा पुत्र नहीं था, उन्होंने एक दत्तक (गोद लिया हुआ) पुत्र लिया था। लेकिन अंग्रेज़ों ने उसे मानने से मना कर दिया और झाँसी को अपने राज्य में मिला लिया। इसी कारण कहा गया कि "लावारिस का वारिस बनकर ब्रिटिश राज्य झाँसी आया"।
2

इस कविता में लक्ष्मीबाई की जीवन-गाथा के साथ-साथ अनेक वीरों के त्याग और बलिदान का भी उल्लेख है। उनकी सूची बनाइए तथा शिक्षक की सहायता से 1857 की क्रांति में उनके योगदान के विषय में लिखिए।

उत्तर:
रानी लक्ष्मीबाई बहुत बहादुर और देशभक्त थीं। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ 1857 की क्रांति में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने झाँसी की रक्षा के लिए युद्ध किया। घोड़े पर बैठकर तलवार से लड़ाई की। अपने राज्य और देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।उनके साथ कई अन्य वीरों ने भी त्याग किया, इनमें नाना धुंधूपंत, ताँतिया टोपे, चतुर अजीमुल्ला खाँ, अहमद शाह मौलवी और ठाकुर कुँवरसिंह जैसे साहसी योद्धा शामिल हैं। सभी ने मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
3

यह कविता जिस समय और परिवेश में लिखी गई है, उसमें युद्ध और अन्य साहसिक कार्य करना सामान्यतः पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था। वर्तमान में लगभग हर क्षेत्र में महिलाएँ कार्य कर रही हैं। नीचे कुछ ऐसे ही कार्यक्षेत्र दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में काम करने वाली स्त्रियों के नाम और उनके विषय में लिखिए।कार्यक्षेत्र – दमकल केंद्र (फायर ब्रिगेड), रेलगाड़ी चालक, खेल के विभिन्न क्षेत्र, व्यापार और प्रबंधन, विज्ञान और तकनीक

उत्तर:
वर्तमान में लगभग हर क्षेत्र में महिलाएँ काम कर रही हैं। कुछ उदाहरण-1. दमकल केंद्र (फायर ब्रिगेड) – महिला फायर फाइटर जैसे- हरलीन देओल जैसी नई पीढ़ी की महिलाएँ प्रेरणा हैं।2. रेलगाड़ी चालक – सुरेखा यादव (भारत की पहली महिला ट्रेन ड्राइवर)3. खेल के विभिन्न क्षेत्र – मैरी कॉम (बॉक्सिंग), पी.वी. सिंधु (बैडमिंटन), हरमनप्रीत कौर (क्रिकेट)4. व्यापार और प्रबंधन – इंद्रा नूयी (बिजनेस लीडर)5. विज्ञान और तकनीक – कल्पना चावला (अंतरिक्ष यात्री)इसके अलावा महिलाएँ पुलिस, सेना, डॉक्टर, शिक्षक, इंजीनियर आदि हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
4

कविता में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित अनेक स्थानों के नाम आए हैं। अपने शिक्षक की सहायता से दिए गए मानचित्र में उन स्थानों/नगरों को चिह्नित करके नाम लिखिए।

उत्तर:
विद्यार्थी अपने शिक्षक की सहायता से कविता में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित नाम जैसे- दिल्ली, लखनऊ, मेरठ, कानपुर, पटना, जबलपुर, कोल्हापुर, ग्वालियर, आदि को मानचित्र में चिह्नित करें।

भाषा से संवाद — शब्द एक अर्थ अनेक(2 questions)

1

"कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन 'छबीली' थी" — उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द पर ध्यान दीजिए। कविता में 'नाना' शब्द 'नाना धुंधूपंत' के लिए प्रयुक्त हुआ है। लेकिन इस शब्द का प्रयोग संदर्भ के अनुसार अन्य अर्थों में भी होता है। अनेकार्थी शब्द वह शब्द है जिसके एक से अधिक अर्थ होते हैं।नीचे तालिका में दी गई कविता की पंक्तियों में रेखांकित शब्द अनेकार्थी शब्द हैं। कविता के संदर्भ में उनके सही अर्थ पर घेरा लगाइए।• तीर चलाने वाले कर में उसे चूड़ियाँ कब भाई – (नदी का किनारा, बाण, सीसा) • रानी विधवा हुई हाय! विधि को भी नहीं दया आई – (शास्त्र में लिखी व्यवस्था, प्रणाली, विधाता, तरीका) • रानी ने तलवार खींच ली, हुआ द्वंद्व असमानों में – (युद्ध, संशय, युग्म) • हो मदमाती विजय, मिटा दे गोलों से चाहे झाँसी – (किसी पदार्थ का गोल पिंड, रस्सी/सूत/बर्फ का गोला, तोप से दागे जाने वाले गोले, नारियल) • मिला तेज से तेज, तेज की वह सच्ची अधिकारी थी – (आभा, गति, तेज चाकू/धार)

उत्तर:
तीर – बाण (कविता में तीर चलाने वाले कर में चूड़ियाँ नहीं भाईं, अर्थात योद्धा के हाथ में चूड़ियाँ शोभा नहीं देतीं।)विधि – विधाता (यहाँ विधि का अर्थ ईश्वर/भाग्य विधाता है।)द्वंद्व – युद्ध (रानी ने तलवार खींची तो असमानों में युद्ध हुआ।)गोलों – तोप से दागे जाने वाले गोले (युद्ध के संदर्भ में यही अर्थ है।)तेज – आभा (मिला तेज से तेज, तेज की वह सच्ची अधिकारी थी – यहाँ तेज का अर्थ आभा/कांति है।)
2

"कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन 'छबीली' थी" और "मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थी" — उपर्युक्त पंक्तियों में रेखांकित शब्दों की वर्तनी पर ध्यान दीजिए। दोनों शब्दों की वर्तनी में थोड़ी भिन्नता है। कई बार रचनाकार कविता की लय, अर्थ की लय इत्यादि को ध्यान में रखते हुए भाषा के स्तर पर इस प्रकार का प्रयोग करते रहे हैं।इस कविता में अन्य शब्दों के भी ऐसे प्रयोग मिलते हैं, उन्हें ढूँढ़कर लिखिए और कक्षा में चर्चा कीजिए।

उत्तर:
कविता में छंद और लय को बनाए रखने के लिए कवयित्री ने कहीं 'ऊ' की मात्रा का प्रयोग किया है तो कहीं 'उ' की मात्रा का। इसी प्रकार कविता में अन्य शब्द भी मिलते हैं जहाँ मानक वर्तनी से हटकर प्रयोग हुआ है-फिरंगी/फिरंगी – कविता में लय के अनुसार अनुस्वार का प्रयोग बदलता है।मराठा/मरहठा – क्षेत्रीय उच्चारण और तुकबंदी के लिए 'मरहठा' शब्द का भी संकेत मिलता है।कृपाण/किरपान – भाषा को सरल और प्रवाहमयी बनाने के लिए तद्भव रूपों का प्रयोग।

भाषा से संवाद — मुहावरे(1 questions)

1

"दूर फ़िरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी" — उपर्युक्त पंक्ति में 'दृढ़ निश्चय करने' के अर्थ को व्यक्त करने के लिए 'मन में ठान लेना' वाक्यांश का प्रयोग हुआ है जो एक मुहावरा है।पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। उन पंक्तियों में आए मुहावरे ढूँढ़कर लिखिए और उन मुहावरों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य भी बनाइए।1. अबके जनरल स्मिथ सन्मुख था, उसने मुँह की खाई थी 2. डलहौजी ने पैर पसारे अब तो पलट गई काया 3. राजाओं नव्वाबों को भी उसने पैरों से ठुकराया 4. हुआ यज्ञ प्रारंभ उन्हें तो / सोई ज्योति जगानी थी 5. मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थी

उत्तर:
1. मुहावरा – मुँह की खाना (हार जाना) — वाक्य: मोहन ने सोचा था कि वह आसानी से जीत जाएगा लेकिन अंत में उसे मुँह की खानी पड़ी।2. मुहावरा – पैर पसारना (विस्तार करना/कब्जा करना) — वाक्य: व्यापार में मुनाफा होते ही सेठजी ने दूसरे शहरों में भी अपने पैर पसारने शुरू कर दिए।3. मुहावरा – पैरों ठुकराना (अपमान करना) — वाक्य: स्वाभिमानी लोग लालच को अपने पैरों ठुकरा देते हैं।4. मुहावरा – ज्योति जगाना (प्रेरणा देना) — वाक्य: स्वामी विवेकानंद ने पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति की ज्योति जगाई।5. मुहावरा – धूम मचाना (प्रसिद्ध होना) — वाक्य: वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन से पूरे मैदान में धूम मचा दी।

सृजन(2 questions)

1

लक्ष्मीबाई की सखियों काना तथा मंदरा की ओर से लक्ष्मीबाई को एक पत्र लिखिए जिसमें काना तथा मंदरा द्वारा ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध युद्ध की रणनीति पर चर्चा की गई हो।

उत्तर:
दिनांक: 15 जून, 1857 स्थान-झाँसी सैन्य शिविरआदरणीय रानी माँ, प्रणाम!हम दोनों, काना और मंदरा, आपको सूचित करना चाहती हैं कि हमने ग्वालियर की सीमाओं पर अपनी महिला सेना को पूरी तरह तैनात कर दिया है। हमारी रणनीति यह है कि जब ब्रिटिश सेना मुख्य द्वार से हमला करेगी, तब हम छोटी टुकड़ियों में बँटकर छापामार युद्ध तकनीक के जरिए उनकी रसद और तोपों को निशाना बनाएँगी। हम अंतिम साँस तक झाँसी की रक्षा के लिए संकल्पित हैं। आपकी वीरता ही हमारा संबल (सहारा) है।आपकी सखियाँ काना और मंदरा
2

युद्धपूर्व रात्रि में झाँसी की रानी के मन में अगले दिन की संभावनाओं को लेकर कई तरह के भाव और विचार उठ रहे होंगे। आपके जीवन में भी कई ऐसे क्षण आए होंगे जब आपने मानसिक ऊहापोह का अनुभव किया होगा। ऐसी किसी घटना के विषय में अपनी डायरी में लिखिए, जैसे- परीक्षा के एक दिन पूर्व की स्थिति या नौवीं कक्षा में पहला दिन आदि।

उत्तर:
20 मार्च, 2027 रात 11:00 बजेआज मन बहुत अशांत है। कल मेरी वार्षिक परीक्षा का पहला दिन है। हालाँकि मैंने साल भर कड़ी मेहनत की है और पूरा पाठ्यक्रम दोहरा लिया है, फिर भी एक अजीब सी घबराहट और ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। बार-बार मन में विचार आ रहे हैं- "अगर कोई ऐसा प्रश्न आ गया जो मुझे नहीं पता?" या "क्या मैं समय पर उत्तर लिख पाऊँगा?"यह मानसिक द्वंद्व मुझे सोने नहीं दे रहा। मेज़ पर रखी किताबें मुझे अपनी ओर खींच रही हैं, पर शरीर अब थक चुका है। मुझे अपनी माँ की बात याद आ रही है कि "धैर्य ही सबसे बड़ी शक्ति है।" मैंने गहरी साँस ली है और अब खुद को शांत कर सोने की कोशिश कर रहा हूँ। उम्मीद है कल सब अच्छा होगा।[आपका नाम]

गतिविधियाँ — शौर्य के समाचार(2 questions)

1

यह कविता रानी लक्ष्मीबाई के जीवन की घटनाओं, उनकी वीरता और पराक्रम से हमारा साक्षात्कार कराती है। कविता में वर्णित घटनाओं को एक समाचार वाचक की तरह समाचार के रूप में प्रस्तुत कीजिए।(संकेत – "आज झाँसी की रणभूमि पर रानी लक्ष्मीबाई ने अपनी अद्भुत वीरता और शौर्य का परिचय दिया….. ।")

उत्तर:
विशेष समाचार बुलेटिन – झाँसी की रणभूमि"नमस्कार, मैं हूँ आपका समाचार वाचक (नाम)। आज झाँसी की रणभूमि से एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अपनी अद्भुत वीरता और शौर्य का परिचय देते हुए ब्रिटिश सेना के दाँत खट्टे कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रानी ने अकेले ही जनरल स्मिथ और ह्यूरोज़ की सेनाओं का सामना किया। अपनी पीठ पर दत्तक (गोद लिए हुए) पुत्र को बाँधे, दोनों हाथों में तलवार लिए वे साक्षात चँडी का रूप लग रही थीं। कालपी से लेकर ग्वालियर तक रानी का विजय रथ बढ़ता जा रहा है। इस युद्ध ने पूरे देश में आज़ादी की नई चेतना जगा दी है। झाँसी से जुड़े अन्य अपडेट्स के लिए बने रहिए हमारे साथ।"
2

"बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी।" — 'हरबोला' बुंदेलखंड क्षेत्र में रहने वाले लोकगायकों का एक समुदाय है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में लोकगायकों की एक लंबी और समृद्ध परंपरा रही है। आपके क्षेत्र में अथवा आपकी भाषा में भी ऐसे लोकगायक और उनके द्वारा गाए जाने वाले देशभक्तिपूर्ण गीत अवश्य प्रचलित होंगे। ऐसे गीतों का एक संकलन तैयार कीजिए और कक्षा में साझा कीजिए।

उत्तर:
भारत में हर क्षेत्र के अपने 'हरबोले' या लोकगायक हैं। उदाहरण के लिए-बुंदेलखंड – यहाँ 'आल्हा ऊदल' के वीर रस के गीत गाए जाते हैं।राजस्थान – यहाँ के 'चारण' और 'भाट' महाराणा प्रताप की वीरता के गीत सुनाते हैं।उत्तर प्रदेश/बिहार – यहाँ 'बिरहा' और 'सोहर' के माध्यम से ऐतिहासिक कहानियाँ कही जाती हैं।एक प्रचलित देशभक्ति गीत के उदाहरण – "रंग दे बसंती चोला..." यह गीत भारतीय क्रांतिकारियों की शहादत और जज़्बे का प्रतीक है, जो अक्सर लोक उत्सवों में गाया जाता है।

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